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डॉक्टर की पर्ची के बिना नाबालिगों और गर्भवती महिलाओं को प्रोटीन पाउडर बेचना बैन, हरियाणा खाद्य विभाग ने जारी किए नियम

Published: Thu, 08 Oct 2026 03:25 PM (GMT+05:30)

हरियाणा सरकार ने 'ड्रग-मुक्त हरियाणा' अभियान के तहत न्यूट्रास्युटिकल्स, प्रोटीन पाउडर और एनर्जी ड्रिंक्स की जांच शुरू कीगे है। हरियाणा में नाबालिगों और गर्भवती महिलाओं को नहीं बेच सकें

फोटो एआई द्वारा जनरेट की गई है।

फोटो एआई द्वारा जनरेट की गई है।

HighLights

  1. 'ड्रग-मुक्त हरियाणा' अभियान के तहत न्यूट्रास्युटिकल्स, प्रोटीन पाउडर की जांच।

  2. 61 स्थानों पर छापेमारी, 73 सैंपल एकत्र, सख्त कार्रवाई की चेतावनी।

  3. नाबालिगों, गर्भवती महिलाओं को बिना पर्ची प्रोटीन पाउडर बिक्री पर रोक।

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। ‘ड्रग-मुक्त हरियाणा’ अभियान के तहत प्रदेश सरकार ने अब न्यूट्रास्युटिकल्स, प्रोटीन पाउडर और एनर्जी ड्रिंक्स की जांच का अभियान छेड़ा है, जिन्हें प्राकृतिक बताकर फिटनेस और ऊर्जा बढ़ाने के नाम पर युवाओं को धड़ल्ले से बेचा जा रहा है।

खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने फर्जीवाड़े को रोकने के लिए 61 स्थानों पर छापामारी कर 73 सैंपल जुटाए हैं। विक्रेताओं को चेतावनी दी गई है कि नाबालिगों और गर्भवती महिलाओं को डॉक्टर की पर्ची बगैर प्रोटीन पाउडर और एनर्जी ड्रिंक्स न बेचें।

खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने सोमवार को सभी जिलों में विशेष राज्यव्यापी प्रवर्तन अभियान शुरू किया। इस दौरान निर्माताओं, वितरकों, खुदरा विक्रेताओं और केमिस्ट आउटलेट्स के यहां छापामारी कर न्यूट्रास्युटिकल्स, प्रोटीन पाउडर और एनर्जी ड्रिंक्स के सैंपल लिए गए।

नियम अनुसार होगा एक्शन

सभी सैंपल को चंडीगढ़ एवं करनाल स्थित राज्य खाद्य प्रयोगशाला तथा एनएबीएल-मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं में जांच के लिए भेजा गया है। यदि कोई सैंपल असुरक्षित, अमानक, मिसब्रांडेड या गैर-अनुपालित पाया जाता है, तो संबंधित निर्माता, वितरक या विक्रेता के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

छापामारी के दौरान रोहतक स्थित मैसर्स द वैरायटी न्यूट्रिशन के परिसर में ‘नेचुरल प्रोटीन पाउडर’ का स्टाक पाया गया। उत्पाद पर ‘100%नेचुरल’ का अप्रमाणित दावा किया गया था।

इसके अलावा लेबल पर समाप्ति तिथि, निर्माता का पता और एफएसएसएआइ लाइसेंस नंबर जैसी अनिवार्य जानकारियां भी अंकित नहीं थीं। मामले में फर्म के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त ने कहा कि युवाओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी उत्पाद या कारोबारी को बख्शा नहीं जाएगा।

डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह जरूरी

यह भी स्पष्ट किया कि नाबालिग बच्चों, गर्भवती महिलाओं और अन्य संवेदनशील वर्गों को डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह के बिना ऐसे उत्पाद बेचने वालों के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने निर्माताओं और विक्रेताओं से अपील की कि वे उत्पादों पर सभी अनिवार्य विवरण स्पष्ट रूप से अंकित करें और खाद्य सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन करें।