चंडीगढ़, जेएनएन। बल्लभगढ़ में छात्रा निकिता तोमर की हत्या (Nikita Tomar Murder Case) के मामले की जांच अब विशेष जांच दल (एसआइटी) करेगा। गृह मंत्री अनिल विज ने एसआइटी गठित कर वर्ष 2018 से पूरे प्रकरण की जांच करने के आदेश दिए हैं, जब बेटी के परिवार ने अपहरण की शिकायत देकर वापस ले ली थी। साथ ही गृह सचिव को हत्याकांड से लेकर जबरन धर्म परिवर्तन, लव जिहाद एवं अन्य सभी पहलुओं की छानबीन करने को कहा गया है। मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वारा कराई जाएगी।

विज ने कहा कि मामले की सुनवाई फास्‍ट ट्रैक कोर्ट में होगी और इसकी रोज सुनवाई होगी। इसके साथ ही आरोपित को जल्‍द से जल्‍द सजा दिलाई जाएगी। विज ने हत्याकांड की निंदा करते हुए कहा कि बेटियों को ऐसे सिसक-सिसक कर मरने नहीं देंगे। प्रदेश में किसी की भी दबंगई और गुडांगर्दी नहीं चलने दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि मामले में दोषियों के साथ ही बेटी के परिवार को दबाने वालों को भी नहीं बख्शेंगे, इसलिए उन्होंने हत्याकांड की जांच के लिए एसआइटी बनाई है। विज ने अंदेशा जताया है कि आरोपित का संबंध कांग्रेसी नेताओं के साथ है, इसलिए इस बात की अधिक संभावना है कि कांग्रेसी नेताओं द्वारा दबाव डालकर वर्ष 2018 में पीड़ित परिवार ने दर्ज कराए अपहरण के केस को मजबूरन वापस करवा दिया गया हो।

गृह मंत्री विज ने बताया कि एसआइटी पता लगाएगी कि वह क्या परिस्थितियां थीं कि मां-बाप को मजबूर होकर मुकदमा वापस लेने के लिए एफिडेविट देना पड़ा। मामले में जो भी लोग दोषी पाए जाएंगे, उन्हें सख्त से सख्त सजा दिलाएंगे। उन्होंने बताया कि युवती के माता-पिता ने लव जिहाद का आरोप लगाया है, जिसकी जांच कराएंगे। इसके अलावा अपहरण का मामला भी पुनर्जीवित होगा। उन्होंने कहा कि इस मामले मे संलिप्त किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।

इस मामले में कांग्रेसियों की बयानबाजी पर कटाक्ष करते हुए गृहमंत्री अनिल विज ने कहा कि कांग्रेस गिरगिट की तरह रंग बदलते हुए गोलियां स्वयं चलवाती है और त्यागपत्र हमारी सरकार से मांगती है। उन्होंने कहा कि लोगों को कांग्रेस के बहरूपियापन को समझना चाहिए, जोकि एक तरफ गोली तो दूसरी तरफ बोली बोलते हैं।

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