चंडीगढ़, जेएनएन। Haryana Cabinet Change: हरियाणा में कैबिनेट के विस्‍तार और बदलाव की अटकलों के बीच राज्‍य के मुख्‍यमंत्री मनोहरलाल ने बुधवार शाम राज्‍यपाल सत्‍यदेव नारायण आर्य से मुलाकात की। मुख्यमंत्री मनोहर लाल आज से दो दिन दिल्ली दौरे पर रहेंगे। इससे ठीक पहले राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य से उनकी मुलाकात को महत्‍वपूर्ण माना जा रहा है। आज भाजपा-जजपा सरकार के 600 दिन पूरे हो रहे हैं। मुख्यमंत्री दिल्ली रवाना होने से पहले मीडिया से रूबरू होंगे और अपनी सरकार के अहम फैसलों की जानकारी देने के साथ ही भविष्य की योजनाओं का खाका खीचेंगे।

 हरियाणा सरकार के 600 दिन का लेखा-जोखा पेश कर दो दिन दिल्ली में रहेंगे सीएम

प्रदेश में पिछले एक पखवाड़े से मंत्रिमंडल में बदलाव और विस्तार की चर्चाएं चल रही हैं। राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य से बुधवार को हुई मुख्यमंत्री की मुलाकात ने इन अटकलों को दमदार बना दिया। प्रदेश में इस समय मुख्यमंत्री समेत 12 मंत्री हैं। 90 सदस्यीय विधानसभा के लिहाज से मंत्रिमंडल में दो मंत्री और शामिल किए जा सकते हैं। एक मंत्री भाजपा तो दूसरा भाजपा की साझीदार जननायक जनता पार्टी के कोटे से बनना है।

जजपा बढ़ा रही अपना मंत्री बनाने का दबाव, भाजपा बनाना चाह रही पहले चेयरमैन

जजपा संयोजक एवं डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने भाजपा हाईकमान पर अपने कोटे का एक मंत्री बनाने का दबाव बना रखा है। प्रदेश में चल रहे किसान संगठनों के आंदोलन, कोविड के बाद के हालात और कोरोना से निपटने की भविष्य की योजनाओं पर चर्चा का दावा करते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से समेत आरएसएस के कई प्रमुख नेताओं से मुलाकात कर चुके हैं। मुख्यमंत्री जब भी मुलाकात कर लौटते, तभी डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला भाजपा हाईकमान से मुलाकात करने दिल्ली पहुंच जाते। दुष्यंत की भी भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात हो चुकी है।

जजपा के कई विधायकों की मंत्री पद पर निगाह है। वह डिप्टी सीएम पर लगातार दबाव भी बना रहे हैं, लेकिन पता चला है कि मुख्यमंत्री अपने मंत्रिमंडल में बदलाव अथवा विस्तार से पहले बोर्ड एवं निगमों के चेयरमैन बनाना चाहते हैं, ताकि पार्टी के प्रमुख कार्यकर्ताओं, नेताओं और अहम पदों की बाट जोह रहे विधायकों को संतुष्ट किया जा सके।

भाजपा हाईकमान भी इस पर काफी हद तक सहमत है, लेकिन दुष्यंत मंत्रिमंडल विस्तार और बोर्ड एवं निगमों के चेयरमैन साथ-साथ बनाने का सुझाव दे रहे हैं। मुख्यमंत्री बृहस्पतिवार को अपनी सरकार के 600 दिन के अहम काम गिनाने के तुरंत बाद दो दिन के दिल्ली दौरे पर चले जाएंगे।

हालांकि उनके दिल्ली दौरे को राज्य सरकार की विभिन्न लटकी परियोजनाओं को गति दिलाने के लिए केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात के रूप में बताया जा रहा है, लेकिन पता चला है कि आरएसएस के नेताओं से संभावित मंत्रिमंडल में बदलाव तथा विस्तार पर फाइनल बातचीत होनी है। इस तरह की अटकलें इसलिए भी पुख्ता हो गई, क्योंकि राजभवन में मुख्यमंत्री मनोहर लाल राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य के साथ काफी देर तक रहे। मंत्रिमंडल में बदलाव और विस्तार की स्थिति में दो कैबिनेट और दो राज्य मंत्रियों की कुर्सी को खतरा है, जबकि एक निर्दलीय, एक वैश्य, एक जाट और एक राजपूत का नंबर लग सकता है।

 

Edited By: Sunil Kumar Jha