भारत में एक साल में 770 करोड़ स्पैम काॅल, इसे रोकने के लिए स्वीडिश कंपनियों पर निगाह; हरियाणा CM ने समझी तकनीक
भारत में एक साल में 770 करोड़ स्पैम कॉल हुई। हरियाणा में स्पैम और फ्रॉड कॉल रोकने के लिए स्वीडिश ...और पढ़ें

फ्राॅड और थर्ड पार्टी काॅल्स को रोकना चुनौती। (सांकेतिक फोटो)
HighLights
मुख्यमंत्री ने स्वीडन में संचार की नवीनतम तकनीकें समझीं।
स्पैम कॉल रोकने और आपदा प्रबंधन पर विशेष ध्यान।
हरियाणा में उन्नत तकनीकों को लागू करने की संभावना पर चर्चा।
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। भारत में एक साल में 770 करोड़ स्पैम काॅल्स हुई। हरियाणा में मोबाइल फोन पर स्पैम काॅल रोकने के लिए सरकार की निगाह स्वीडिश कंपनियों पर है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और शहरी निकाय मंत्री विपुल गोयल ने शुक्रवार को स्वीडन के स्टाकहोम स्थित विश्व प्रसिद्ध दूरसंचार कंपनी एरिक्सन और काॅल आइडेंटिफिकेशन कंपनी ट्रूकाॅलर के हेडक्वार्टर जाकर संचार की नवीनतम तकनीकों की जानकारी ली।
कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल के साथ मुख्यमंत्री नायब सैनी ने एरिक्सन हेडक्वार्टर में विशेष रूप से दुर्लभ एवं दुर्गम स्थानों पर आपात स्थिति से निपटने के लिए विकसित की जा रही रोबोटिक्स तकनीक की कार्यप्रणाली का अवलोकन किया।
इन उन्नत तकनीकों को हरियाणा की संचार व्यवस्था एवं आपदा प्रबंधन प्रणाली में अपनाने की संभावनाओं पर चर्चा की। इसके पश्चात नायब ट्रूकाॅलर के हेडक्वार्टर पहुंचे, जहां कंपनी के सह-संस्थापक एलन मामेदी के साथ बैठक में कंपनी की कार्यप्रणाली, स्पैम काॅल डिटेक्शन तंत्र तथा धोखाधड़ी वाली कॉल्स एवं थर्ड पार्टी काॅल्स से सुरक्षा के उपायों पर जानकारी ली।
बैठक में बताया गया कि वर्ष 2025 में भारत में लगभग 770 करोड़ स्पैम काॅल्स का पता लगाया गया है। इस दौरान फ्राॅड काॅल्स और थर्ड पार्टी काॅल्स से संबंधित चुनौतियों तथा उनके समाधान के उपायों पर गहन चर्चा हुई।
ट्रूकाॅलर जैसी तकनीकों के प्रभावी उपयोग पर जोर
मुख्यमंत्री ने डिजिटल सुरक्षा को मजबूत बनाने और आम नागरिकों को स्पैम तथा फ्राॅड काॅल्स से बचाने के लिए ट्रूकाॅलर जैसी तकनीकों के प्रभावी उपयोग पर जोर दिया। इसके अतिरिक्त एनवैक वेस्ट मैनेजमेंट फैसिलिटी और आधुनिक अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली की जानकारी ली। इस तकनीक को हरियाणा के शहरों में स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए अपनाने की संभावनाओं पर विचार किया गया।
मुख्यमंत्री ने दौरे को हरियाणा की डिजिटल और तकनीकी प्रगति के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि वैश्विक स्तर की उन्नत तकनीकों को राज्य में लागू कर संचार व्यवस्था को और अधिक सुरक्षित, कुशल एवं आधुनिक बनाया जाएगा। स्पैम एवं फ्राॅड काॅल्स की समस्या से निपटने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे तथा आपदा प्रबंधन में रोबोटिक्स तकनीक का उपयोग बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
