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गुरुग्राम मेट्रो की सभी अड़चनें दूर, सरकार ने बढ़ी लागत को दी मंजूरी; अब रेलवे स्टेशन तक दौड़ेगी मेट्रो

Published: Mon, 18 May 2026 05:50 PM (IST)Updated: Mon, 18 May 2026 10:18 PM (IST)

हरियाणा मंत्रिमंडल ने गुरुग्राम मेट्रो परियोजना की संशोधित लागत (7,098.70 करोड़ रुपये) और विश्व बैंक से फंडिंग को मंजूरी दी है।

आज हरियाणा में कैबिनेट मीटिंग आयोजित हुई (जागरण फोटो)

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राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने गुरुग्राम की यातायात संबंधी चुनौतियों से निपटने और कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए बहुप्रतीक्षित गुरुग्राम मेट्रो परियोजना को रफ्तार दी है।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में सोमवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में गुरुग्राम के मिलेनियम सिटी सेंटर से साइबर सिटी तक बनने वाली गुरुग्राम मेट्रो परियोजना की संशोधित लागत, रेलवे स्टेशनों और रैपिड मेट्रो इंटीग्रेशन रिपोर्ट को मंजूरी दी गई। सरकार ने परियोजना के लिए वर्ल्ड बैंक से मिलने वाले साफ्ट लोन फंडिंग प्रस्ताव को भी हरी झंडी दिखा दी है।

इस फैसले से गुरुग्राम की शहरी परिवहन व्यवस्था में बड़ा बदलाव आएगा। मंत्रिमंडल द्वारा मिलेनियम सिटी सेंटर (एमसीसी) से साइबर सिटी तक गुरुग्राम मेट्रो कारिडोर की संशोधित परियोजना लागत 7,098.70 करोड़ रुपये को स्वीकृति मिली है।

इसके अतिरिक्त, रैपिड मेट्रो के साथ इंटीग्रेशन के परिवर्तित परिदृश्य से संबंधित 947.06 करोड़ रुपये की अनुपूरक रिपोर्ट तथा सेक्टर-पांच मेट्रो स्टेशन से गुरुग्राम रेलवे स्टेशन तक स्पर लाइन हेतु 454.32 करोड़ रुपये की अनुपूरक रिपोर्ट को भी मंजूरी प्रदान की गई है।

मंत्रिमंडल ने परियोजना के वित्तपोषण स्रोत में परिवर्तन को भी स्वीकृति दी है, जिसके तहत यूरोपियन इन्वेस्टमेंट बैंक (इआइबी) के स्थान पर अब विश्व बैंक से वित्तीय सहायता ली जाएगी। राज्य सरकार द्वारा परियोजना में 2,415.79 करोड़ रुपये के अंशदान को भी अनुमोदित किया गया है। यह परियोजना गुरुग्राम में मेट्रो नेटवर्क को मजबूत करने के साथ-साथ रैपिड मेट्रो और गुरुग्राम रेलवे स्टेशन के बीच बेहतर मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेगी।

मंत्रिमंडल ने परियोजना के क्रियान्वयन के दौरान केंद्र सरकार के साथ होने वाली चर्चाओं और संभावित तकनीकी अड़चनों को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को आवश्यक बदलावों और संशोधनों की मंजूरी देने का अधिकार भी सौंपा है। इसके साथ ही टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के प्रशासनिक सचिव को परियोजना से जुड़े समझौतों और दस्तावेजों के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।

साइबर सिटी से मिलेनियम सिटी सेंटर तक 27 स्टेशन

यह मेट्रो कारिडोर 28.50 किलोमीटर लंबा होगा और इसमें कुल 27 स्टेशन बनाए जाएंगे। परियोजना की डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) पहले ही केंद्र सरकार से मंजूर हो चुकी है। सरकार का मानना है कि इस मेट्रो लाइन के शुरू होने से गुरुग्राम के सबसे व्यस्त कारपोरेट और रिहायशी इलाकों के बीच सफर आसान होगा और ट्रैफिक दबाव में बड़ी कमी आएगी।

अब रेलवे स्टेशन तक भी पहुंचेगी मेट्रो

मंत्रिमंडल ने गुरुग्राम के सेक्टर-5 से गुरुग्राम रेलवे स्टेशन तक प्रस्तावित मेट्रो स्टेशन को भी मंजूरी दे दी है। करीब 1.80 किलोमीटर लंबे इस लिंक का उद्देश्य मेट्रो और रेलवे नेटवर्क के बीच बेहतर मल्टीमाडल कनेक्टिविटी तैयार करना है।

इससे यात्रियों को ट्रेन और मेट्रो के बीच निर्बाध सफर की सुविधा मिलेगी। विशेष रूप से आफिस जाने वाले यात्रियों और दिल्ली-एनसीआर के दैनिक यात्रियों को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।

रैपिड मेट्रो से इंटीग्रेशन का भी रास्ता साफ

मंत्रिमंडल ने रैपिड मेट्रो इंटीग्रेशन से जुड़ी सप्लीमेंट्री रिपोर्ट को भी मंजूरी दी। इसके तहत सेक्टर-33 में करीब 22.86 हेक्टेयर सरकारी जमीन पर आधुनिक डिपो और संबंधित सुविधाएं विकसित की जाएंगी। सरकार का कहना है कि इससे पूरी मेट्रो प्रणाली को स्वतंत्र और अधिक प्रभावी तरीके से संचालित किया जा सकेगा।