विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

हरियाणा में ₹738 करोड़ से मजबूत होगा डिजिटल सुरक्षा कवच, साइबर हमलों पर 24 घंटे रहेगी नजर

Published: Fri, 16 Oct 2026 02:35 PM (GMT+05:30)

हरियाणा सरकार ने डिजिटल सुरक्षा और डेटा सेंटर आधुनिकीकरण के लिए ₹738 करोड़ की दो प्रमुख परियोजनाओं को मंजूरी दी ...और पढ़ें

हरियाणा में ₹738 करोड़ से मजबूत होगा डिजिटल सुरक्षा कवच (प्रतीकात्मक फोटो)

हरियाणा में ₹738 करोड़ से मजबूत होगा डिजिटल सुरक्षा कवच (प्रतीकात्मक फोटो)


HighLights

  1. ₹738 करोड़ की दो डिजिटल सुरक्षा परियोजनाओं को मंजूरी मिली।

  2. हरियाणा डिजिटल कवच से 24 घंटे साइबर हमलों की निगरानी होगी।

  3. ₹469 करोड़ से राज्य डेटा सेंटर का होगा आधुनिकीकरण।

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा में सरकारी डेटा की सुरक्षा मजबूत करने, साइबर हमलों से निपटने और डिजिटल सेवाओं को अधिक विश्वसनीय बनाने के लिए 738 करोड़ रुपये की दो प्रमुख परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।

मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई राज्य स्तरीय सूचना प्रौद्योगिकी संचालन समिति (आइटी प्रिज्म) की 51वीं बैठक में 269 करोड़ रुपये की हरियाणा डिजिटल कवच-सुरक्षा संचालन केंद्र (एच-एसओसी) और 469 करोड़ रुपये की हरियाणा राज्य डेटा केंद्र 2.0 (एचएसडीसी 2.0) परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। इनका उद्देश्य प्रदेश के डिजिटल बुनियादी ढांचे को सुरक्षित, आधुनिक और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बनाना है।

बैठक में नागरिक सेवाओं के लिए प्रस्तावित सरल 2.0 के विकास एवं क्रियान्वयन पर भी विचार किया गया। इस अगली पीढ़ी के सेवा वितरण मंच का उद्देश्य सरकारी सेवाओं की कार्यक्षमता, पारदर्शिता और नागरिकों तक उनकी पहुंच बेहतर बनाना है।

24 घंटे रहेगी निगरानी

नागरिक संसाधन सूचना विभाग के आयुक्त एवं सचिव जे गणेशन ने बैठक में बताया कि हरियाणा डिजिटल कवच के तहत केंद्रीकृत सुरक्षा संचालन केंद्र स्थापित किया जाएगा। यह सरकारी नेटवर्क, एप्लीकेशन, डेटाबेस और महत्वपूर्ण डिजिटल प्रणालियों पर 24 घंटे निगरानी रखेगा। संभावित साइबर हमलों की पहचान, जांच और उनसे निपटने के लिए समन्वित कार्रवाई की जाएगी।

‘एक राज्य-एक सुरक्षा संचालन केंद्र’ की अवधारणा पर आधारित यह व्यवस्था विभिन्न विभागों की अलग-अलग साइबर सुरक्षा प्रणालियों को एकीकृत करेगी। इसमें सुरक्षा सूचना एवं घटना प्रबंधन, स्वचालित प्रतिक्रिया, उपकरणों पर संदिग्ध गतिविधियों की पहचान और साइबर खतरा सूचना जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल होगा।

269 करोड़ रुपये की इस परियोजना को नौ माह में लागू करने और इसके बाद पांच वर्ष तक संचालित करने का प्रस्ताव है। इसके लिए हरियाणा एआई विकास परियोजना के तहत विश्व बैंक से 25 करोड़ रुपये की सहायता प्रस्तावित है, जबकि शेष 244 करोड़ रुपये राज्य सरकार उपलब्ध कराएगी।

74 विभागों को सेवाएं देने वाले डेटा सेंटर का होगा कायाकल्प

469 करोड़ रुपये की हरियाणा राज्य डेटा केंद्र 2.0 परियोजना के तहत पुराने उपकरणों और प्रणालियों को बदलकर अगली पीढ़ी का डिजिटल बुनियादी ढांचा तैयार किया जाएगा। चंडीगढ़ स्थित नए सचिवालय में अगस्त 2012 से संचालित राज्य डेटा केंद्र लगभग 74 सरकारी विभागों, बोर्डों और निगमों को सेवाएं देता है। सीमित कंप्यूटिंग क्षमता, पुरानी नेटवर्किंग प्रणालियों और समर्पित आपदा रिकवरी सुविधा के अभाव को देखते हुए इसका आधुनिकीकरण किया जाएगा। नई व्यवस्था में उच्च क्षमता वाली कंप्यूटिंग, उन्नत डेटा भंडारण, ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट (जीपीयू) आधारित कंप्यूटिंग, आधुनिक नेटवर्किंग और मजबूत साइबर सुरक्षा नियंत्रण शामिल होंगे।