'कुर्ता-पायजामा खूंटी पर टंगा...', विशेष वर्ग से जुड़े बयान से बैकफुट पर आई हरियाणा BJP, अर्चना गुप्ता ने दी सफाई
हरियाणा भाजपा अध्यक्ष अर्चना गुप्ता ने 'विशेष वर्ग' वाले बयान पर सफाई दी है, जिससे राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था।

प्रेस कॉन्फ्रेंस करती हुईं अर्चना गुप्ता (जागरण)
HighLights
अर्चना गुप्ता के 'विशेष वर्ग' बयान पर विवाद
उन्होंने बिचौलियों और दलालों को निशाना बताया
भाजपा ने मेरिट पर नौकरी देने का दावा किया
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा भाजपा की अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता के ‘विशेष वर्ग’ वाले बयान ने प्रदेश की राजनीति में एक ऐसा सवाल खड़ा कर दिया, जिसे अब उन्हें खुद ही स्पष्ट करना पड़ा है। पहले हुड्डा सरकार के दौरान ‘विशेष वर्ग’ को नौकरियां मिलने और पर्ची-खर्ची के आरोप लगाए गए, लेकिन बयान में इस वर्ग की पहचान स्पष्ट नहीं थी।
यही अस्पष्टता राजनीतिक विवाद का कारण बनी और इंटरनेट मीडिया पर जाट समुदाय के युवाओं तथा खिलाड़ियों ने प्रदेश अध्यक्ष से सवाल करना शुरू कर दिया कि आखिर ‘विशेष वर्ग’ से उनका आशय किससे है।
राजनीतिक तौर पर यह विवाद इसलिए भी महत्वपूर्ण हो गया क्योंकि हरियाणा में सरकारी नौकरियां केवल रोजगार का विषय नहीं, बल्कि राजनीतिक विमर्श का बड़ा हिस्सा रही हैं।
ऐसे में किसी वर्ग को नौकरी में प्राथमिकता मिलने का संकेत देने वाला बयान तुरंत जातीय अर्थ ग्रहण कर गया। भाजपा के भीतर से भी आपत्तियां उठने के बाद प्रदेश अध्यक्ष को मंगलवार को पानीपत में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपने बयान का अर्थ स्पष्ट करना पड़ा।
बिचौलियों और कथित दलालों की ओर था इशारा: अर्चना गुप्ता
अर्चना गुप्ता ने अपने स्पष्टीकरण में कहा कि ‘विशेष वर्ग’ से उनका आशय किसी जाति या समुदाय से नहीं था। उनका इशारा उन बिचौलियों और कथित दलालों की ओर था, जो पिछली सरकारों में सफेद कुर्ता-पायजामा पहनकर सचिवालय पहुंचते थे और व्यवस्था में प्रभाव रखते थे।
उन्होंने कहा कि चाहे हुड्डा सरकार रही हो या इनेलो की सरकार, ऐसे मध्यस्थों के माध्यम से सिस्टम बनाया जाता था और नौकरियां दिलाने के नाम पर लोगों से पैसा लिया जाता था।
कुर्ता-पायजामा खूंटी पर टंग चुका है: अर्चना गुप्ता
भाजपा अध्यक्ष ने दावा किया कि अब ऐसे लोगों का दौर समाप्त हो चुका है और उनका ‘कुर्ता-पायजामा खूंटी पर टंग चुका है’। भाजपा सरकार में नौकरियां पर्ची या खर्ची से नहीं, बल्कि मेरिट के आधार पर मिल रही हैं।
डॉ. अर्चना गुप्ता का यही स्पष्टीकरण इस पूरे राजनीतिक एपिसोड का नया केंद्र है। भाजपा ने अब ‘विशेष वर्ग’ को जातीय पहचान से हटाकर भ्रष्ट नौकरी तंत्र के कथित बिचौलियों की पहचान के रूप में स्थापित करने का प्रयास किया है।
