जेएनएन, चंडीगढ़। हरियाणा विधानसभा के अगस्त में होने वाले मानसून सत्र में विपक्ष के नेता पद को लेकर हंगामा होने के पूरे आसार हैं। विधायकों की कम संख्या के चलते स्पीकर कंवरपाल गुर्जर विपक्ष के नेता पद से अभय सिंह चौटाला को हटा चुके हैं। कांग्रेस विधायक दल की नेता के नाते किरण चौधरी ने विपक्ष के नेता पद पर दावेदारी जताई थी, लेकिन स्पीकर ने उनकी दावेदारी को खारिज करते हुए हरियाणा कांग्रेस से जवाब मांग लिया है। अब किरण विधानसभा स्तर पर अपनी दावेदारी को लेकर स्पीकर से जवाब मांगती नजर आएंगी।

कांग्रेस फिलहाल पूरी तरह से गुटबाजी के दौर से गुजर रही है। ऐसे में हरियाणा कांग्रेस भी अभी तक तय नहीं कर पाई कि विधानसभा स्पीकर के पास किरण चौधरी का नाम भेजा जाए अथवा नहीं। विधानसभा सचिवालय को आशंका है कि कांग्रेस में जिस तरह से गुटबाजी है, उसके मद्देनजर यदि किरण को विपक्ष के नेता का पद सौंप दिया गया तो उसके तुरंत बाद यदि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा खेमे के किसी विधायक ने इस पद के दावेदारी जता दी तो फिर स्थिति बेहद खराब हो जाएगी, इसलिए स्पीकर चाहते हैं कि उनके पास कांग्रेस की ओर से लिखित में आए कि वे किसे विपक्ष का नेता बनाना चाहते हैं।

कांग्रेस विधायकों की संख्या 17 है। इनमें 13 विधायक हुड्डा समर्थक हैं, लेकिन उनके लिए विपक्ष के नेता के बजाय हरियाणा कांग्रेस का अध्यक्ष पद ज्यादा अहम है। लिहाजा हुड्डा खेमा भी विपक्ष के नेता पद को लेकर गंभीर नहीं और प्रदेश अध्यक्ष के नाते अशोक तंवर फिलहाल किसी तरह के पचड़े में नहीं पड़ना चाह रहे। यह स्थिति तब है, जब किरण चौधरी अक्सर अशोक तंवर के साथ कंधे से कंधा मिलाकर उनके कार्यक्रमों में खड़ी रही हैं।

कांग्रेस विधायक दल की नेता किरण चौधरी ने अब अपनी लड़ाई खुद लड़ने का निर्णय लिया है। वह विधानसभा में स्पीकर से जवाब मांगती नजर आएंगी। किरण का कहना है कि मुझे सीएलपी लीडर पार्टी ने बनाया है, इसीलिए मैंने विपक्ष के नेता के लिए स्पीकर को पत्र लिखा था। स्पीकर को इस पत्र पर अपने विवेक से फैसला लेना चाहिए था, लेकिन भाजपा जान-बूझकर इस मामले में राजनीति कर रही है। कांग्रेस पार्टी या विधायकों की ओर से किसी तरह का विरोध किया गया होता तो वे ऐसा फैसला कर सकते थे, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। इसलिए सदन में मैं स्पीकर से जवाब मांगूगी।

हाईकमान तय करेगा कौन बनेगा विपक्ष का नेता : तंवर

हरियाणा कांग्रेस के अध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर का कहना है कि विपक्ष के नेता पद पर अभी तक कोई फैसला नहीं हो पाया है। इसकी कई सारी वजह हो सकती हैं। किसी एक नाम के लिए हाईकमान से निर्देश प्राप्त करने के लिए अनुरोध किया गया है। मौजूदा 17 विधायकों में से किसे विपक्ष के नेता का पद मिलेगा, इसका फैसला हाईकमान को करना है। इसलिए हाईकमान के इशारे के बिना कुछ भी कह पाना जल्दबाजी होगी।

हरियाणा की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

पंजाब की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 

Posted By: Kamlesh Bhatt

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप