हरियाणा में पक्का करने को लेकर आक्रामक हुए गेस्ट टीचर्स, कुरुक्षेत्र में न्याय रैली के बाद आज करेंगे चंडीगढ़ कूच
सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के पक्ष में फैसले के बावजूद नियमितीकरण न होने से अतिथि अध्यापक आक्रामक हो गए ...और पढ़ें
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पक्का करने को लेकर आक्रामक हुए गेस्ट टीचर्स। फोटो जागरण
HighLights
सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट के आदेशों के बावजूद नियमितीकरण में देरी।
कुरुक्षेत्र में न्याय रैली के बाद चंडीगढ़ के लिए पैदल कूच।
सरकार से 2014 की नीति के तहत शिक्षकों को नियमित करने की मांग।
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। नियमितीकरण के लिए सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट से फैसला पक्ष में आने के बावजूद सरकार के स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाने से मायूस अतिथि अध्यापक अब आक्रामक होने लगे हैं। स्पीकिंग आर्डर के लिए गठित अधिकारियों की कमेटी के संभावित प्रतिकूल निर्णय से आशंकित अतिथि अध्यापक संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने हाई कोर्ट में अवमानना का केस करने की तैयारी कर ली है। न्याय यात्रा के बीच आज रविवार को कुरुक्षेत्र में होने वाली न्याय रैली में प्रदेशभर से अतिथि अध्यापक जुटेंगे और राज्यपाल को ज्ञापन देने के लिए पैदल ही चंडीगढ़ कूच करेंगे।
मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कृष्ण धारशूल ने शनिवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि न्यायालय के आदेशों की भावना का सम्मान करते हुए शिक्षा विभाग पिछले 21 वर्षों से सेवाएं दे रहे 10 हजार 757 अतिथि अध्यापकों को वर्ष 2014 में बनाई गई तीन वर्षीय नीति के तहत नियमित करने की प्रक्रिया जल्द शुरू करे। नियमितीकरण की प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरी करनी चाहिए, ताकि शिक्षकों को उनकी सेवा स्थिति के बारे में स्पष्ट जानकारी मिल सके।
सरकार को दी चेतावनी
प्रदेश प्रवक्ता कुलदीप झरौली ने कहा कि अतिथि अध्यापकों से संबंधित मामलों में विभागीय स्तर पर व्यक्तिगत सुनवाई की प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद नियमितीकरण को लेकर अंतिम निर्णय का इंतजार है। मांगों का समाधान होने तक लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखा जाएगा। वहीं, महिला विंग की अध्यक्ष मैना यादव ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने इस दिशा में जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया तो वह कोई भी कदम उठा सकती हैं।
उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट की डबल बेंच का स्पष्ट निर्देश है कि जिन अतिथि अध्यापकों की स्वीकृत पदों पर नियुक्ति हुई है और वे निर्धारित शैक्षणिक योग्यता के साथ वर्ष 2014 तक तीन साल की नियुक्ति की शर्त पूरी करते हैं, उन्हें तुरंत नियमित किया जाए।
मोर्चा पदाधिकारियों ने बताया कि 21 अक्टूबर को सिरसा से न्याय यात्रा शुरू की गई है, जो 25 अक्टूबर को कुरुक्षेत्र पहुंचेगी। कुरुक्षेत्र में आयोजित होने वाली न्याय रैली में प्रदेशभर के अतिथि अध्यापक शामिल होकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद करेंगे। न्याय रैली के बाद अतिथि अध्यापक न्याय रथ के साथ पैदल मार्च करते हुए चंडीगढ़ पहुंचेंगे और राज्यपाल के समक्ष अपनी मांग रखेंगे।
