चंडीगढ़, [अनुराग अग्रवाल]। हरियाणा सरकार राज्‍य में पानी बचाने के लिए शुरू की गई मेरा पानी-मेरी विरासत योजना से पीछे नहीं हटेगी। अब मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने खुद मोर्चा संभालेंगे और किसानों से सीधे मिलेंगे। वह प्रत्येक उस ब्लाक में किसानों के बीच जाएंगे जहां जल स्तर 40 मीटर से नीचे है। ऐसे ब्लाक में किसानों को धान की बजाय वैकल्पिक फसलें लगाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। मुख्यमंत्री अब तक छह ब्लाक का दौरा कर चुके और बाकी बचे ब्लाक इसी सप्ताह कवर कर लिए जाएंगे।

अटल भूजल योजना में किसान कल्याण के लिए केंद्र देगा 763 करोड़

इसके साथ ही मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने विपक्ष खासकर भूपेंद्र सिंह हुड्डा, अभय सिंह चौटाला और रणदीप सुरजेवाला पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने सिर्फ पंचायती जमीन पर धान बोने पर प्रतिबंध लगाया है, लेकिन विपक्ष ने ऐसे प्रचारित किया, मानो सभी किसानों को धान की खेती करने से रोक दिया गया है। हमने किसानों से उनकी इच्छा पूछी है। अभी तक 50 हजार हेक्टेयर में किसान धान नहीं बोने वाले हैैं। उन्होंने अपना रजिस्ट्रेशन वैकल्पिक फसलों के लिए करा लिया है। इसे बढ़ाकर 60 हजार हेक्टेयर तक ले जाना है।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल 40 मीटर से नीचे जल स्तर वाले ब्लाकों का खुद करेंगे दौरा

मुख्यमंत्री मनोहरलाल के अनुसार इतने किसानों द्वारा धान की खेती नहीं करने का फैसला इस योजना की कामयाबी की निशानी है। इन किसानों को रजिस्ट्रेशन कराते ही दो हजार रुपये और बाकी पांच हजार रुपये (कुल सात हजार) दिए जाएंगे। केंद्र सरकार भी अटल भूजल योजना के तहत हरियाणा को 763 करोड़ रुपये देने जा रही है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का प्रीमियम भी सरकार अपने खाते से भरने जा रही है।

अभी तक 50 हजार हेक्टेयर धान की बुआई छोडऩे को रजिस्ट्रेशन, 60 हजार का लक्ष्य

मनोहर लाल ने एक सवाल के जवाब में कहा कि दिक्कत सिर्फ वहां है, जहां बाढ़ आने की आशंका है। वहां धान की खेती ही की जाए अथवा दूसरा क्या विकल्प हो सकता है, इस पर विचार चल रहा है। विपक्ष अंधेरे में तीर मार रहा है। रणदीप सुरजेवाला पर निशाना साधते हुए मनोहर लाल ने कहा कि कुछ लोग आठ चुनाव लड़ने और चार जीतने का दावा करते हैैं, लेकिन जीत का यह प्रतिशत मात्र 50 है। मैैं दो चुनाव लड़ा और दोनों जीता तो मेरी जीत का प्रतिशत सौ हुआ। इसलिए आंकड़ेबाजी में उलझने की ज्यादा जरूरत नहीं है।

पेमेंट देरी से की तो आढ़ती को देना होगा किसान को ब्याज

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने माना कि इस बार किसानों को उनकी फसल के दाम मिलने में थोड़ी देरी हुई है। उन्‍होंने इसका कारण बताते हुए कहा कि पिछले तीन साल से यह बात चल रही थी कि किसानों को सीधे उनके खातों में पेमेंट मिले। हर बार आढ़ती इसका विरोध करते थे। हमने उनका अनुरोध मानते हुए आढ़तियों के जरिये किसानों के खाते में पेमेंट देने की इस बार शुरुआत की। 20 मई तक हुई खरीद का तमाम पेमेंट आढ़तियों के पास चला गया है। अगले तीन दिनों में बाकी बचा 600 से 700 करोड़ रुपया भी चला जाएगा।

उन्‍होंने कहा कि आढ़ती अपने स्तर पर किसानों के खाते में भुगतान भेजने में जितनी देरी करेंगे, उन्हें उतनी अवधि का ब्याज भी किसानों को देना पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि गेहूं उठान का काम अब आढ़तियों को भी सौंप दिया गया है। अगले तीन दिनों में गेहूं का पूरा उठान करा दिया जाएगा।

बाढ़ से बचाव को सीएम ने कल बुलाई अधिकारियों की बैठक

हरियाणा में मानसून के चलते बाढ़ की आशंका बढ़ गई है। इसके मद्देनजर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि हम अमूमन जनवरी में बाढ़ राहत के उपाय करते हैैं। इस बार थोड़ा देरी हुई है, लेकिन उन्होंने चार जून को अधिकारियों की बैठक बुलाई है, जिसमें बाढ़ से निपटने की कार्य योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा।

किसानों को 90 रुपये प्रति क्विंटल का मिलेगा फायदा

मुख्यमंत्री मनोहर लाल के अनुसार खरीफ की फसलों के दाम बढऩे से हरियाणा के किसानों को औसतन 90 रुपये प्रति क्विंटल की दर से लाभ होगा। यदि एक एकड़ में 25 क्विंटल फसल पैदा होती है तो प्रति एकड़ किसानों को 2225 रुपये का फायदा होगा।

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