जेएनएप, चंडीगढ़। करोड़ों रुपये के घाटे में चल रहे परिवहन विभाग को मुनाफे में लाने के लिए सरकार चालान को जरिया बनाएगी। रोडवेज महाप्रबंधकों को खर्चों में कटौती करते हुए ओवरलोड वाहनों और गलत रूट पर चल रही निजी बसों का चालान करने के निर्देश दिए गए हैं।

ओवरलोड वाहनों और गलत रूट पर चल रही निजी बसों के चालान के निर्देश

परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने बुधवार को रोडवेज महाप्रबंधकों की बैठक में यह निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जब मैंने ओवरलोड वाहनों की चेकिंग के दौरान एक सप्ताह में दो करोड़ रुपये और एक घंटे में 30 लाख रुपये के चालान किए तो आप ऐसा क्यों नहीं कर सकते। अधिकारी निष्ठा से काम करें तो विभाग का घाटा कम हो सकता है।

पंवार ने कहा कि राज्य परिवहन का लाभ बढ़ाने के लिए उत्तर प्रदेश में बसों का रोटेशन बढ़ाया जाए। ऐसे मार्ग चिह्नित किए जाएं जहां लोड फैक्टर व लाभ अधिक हो। उन्होंने सभी जीएम को ट्रैफिक रिसिप्ट को बढ़ाकर 32 रुपये प्रति किलोमीटर करने, खर्चे कम करने, एडवांस बुकिंग और ईंधन बचाने के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए। परिवहन मंत्री ने कई डिपो महाप्रबंधकों को अच्छे कार्य के लिए सराहा तो कई को प्रदर्शन सुधारने की हिदायत दी।

परिवहन मंत्री ने महाप्रबंधकों से आरटीए के साथ तालमेल कर गलत रूटों पर चल रही निजी बसों के खिलाफ एक्शन लेने को कहा। यदि कोई आरटीए सहयोग नहीं करता तो मुख्यालय पर इसकी शिकायत करें। ऐसे वाहनों का फोटो वाट्स-एप के माध्यम से भी भेज सकते हैं। फरीदाबाद, गुरुग्राम, अंबाला, सिरसा और नारनौल जैसे जिलों में ऐसी निजी बसों की भरमार हैं जिनका परमिट तो कहीं का है और वे चल कहीं और रही हैं।

पंवार ने मानेसर में सारी बसें फ्लाईओवर के ऊपर से जाने की शिकायत पर वहां निरीक्षक तैनात करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि करनाल में यात्रियों को एक से डेढ़ किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। इसलिए वहां कोई ऐसा उपाय किया जाए, जिससे यात्रियों को परेशान न होना पड़े। उन्होंने कहा कि इस साल 600 बसें रोडवेज में शामिल की जाएंगी जिसमें से 367 की स्वीकृति हो चुकी है। बैठक में परिवहन आयुक्त विकास गुप्ता, अतिरिक्तपरिवहन आयुक्त वीरेंद्र कुमार दहिया तथा संयुक्त परिवहन आयुक्त संवर्तक सिंह मौजूद थे।

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