जेएनएन, चंडीगढ़। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने के बाद सरकारी खजाने में रिकॉर्ड पैसा आया है। राजस्व विभाग ने पूरे वित्त वर्ष में करों के जरिये 941 करोड़ रुपये से अधिक का मुनाफा कमाया। पिछले साल जहां 3324 करोड़ रुपये का कर संग्रह हुआ था, वहीं इस साल कुल 4265.18 करोड़ रुपये की आय हुई। खासकर स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस में कमाई के पिछले तमाम रिकॉर्ड टूट गए।

राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने मंगलवार को बताया कि सरकार की पारदर्शी नीतियों और भ्रष्टाचार पर जीरो टोलरेंस की वजह से यह सफलता मिली। उन्होंने कहा कि 3 फरवरी 2015 को ई-दिशा केंद्रों के जरिये नई रजिस्ट्रेशन प्रणाली सभी तहसीलों व उप तहसीलों में शुरू की गई जिससे भ्रष्टाचार पर अंकुश लगा। आवेदक चाहे तो रजिस्ट्री डाक द्वारा तीन दिन में प्राप्त कर सकता है। राजस्व विभाग ने हर महीने की 12 और 26 तारीख इंतकाल शून्य करने के लिए निर्धारित की है जिससे इंतकाल की पेंडेंसी जीरो है।

कैप्टन ने कहा कि आमजन की सुविधा के लिए कैथल में अत्याधुनिक डिजिटल अभिलेखागार शुरू किया गया है जिसमें भूमि रिकॉर्ड को कुछ ही मिनटों में प्राप्त किया जा सकता है। इसके खराब होने का भी कोई खतरा नहीं। जल्द ही सभी जिला मुख्यालयों पर ऐसे अभिलेखागार खोले जाएंगे।  

Posted By: Kamlesh Bhatt

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