जेएनएन, चंडीगढ़। हरियाणा में चुनावी मौसम के दौरान चल रहे आंदोलनों के बीच मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कर्मचारियों के हित में कई बड़ी घोषणाएं की। मुख्यमंत्री ने गांवों व शहरों में काम करने वाले सफाई कर्मियों का वेतन बढ़ाते हुए अतिथि अध्यापकों के सर्विस रूल जल्द अधिसूचित करने और उन्हें तीन फीसद महंगाई भत्ते (डीए) का लाभ देने की घोषणा की। प्रदेश सरकार ने करीब 14 हजार ग्रामीण चौकीदारों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करते हुए उन्हें ईपीएफ के दायरे में लाने का एलान किया है।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि गांवों के करीब 11 हजार और शहरों के 28 हजार सफाई कर्मचारियों को बढ़े वेतन का लाभ मिलेगा। अभी तक शहरों में सफाई कर्मचारियों को 13,500 रुपये मिल रहे थे। अब उन्हें 15 हजार रुपये मासिक मिलेंगे। गांवों के सफाई कर्मियों का वेतन 11 हजार से बढ़ाकर 12,500 रुपये मासिक कर दिया गया है। बिजली कंपनियों में दिव्यांग कर्मचारियों को तीन फीसद आरक्षण का लाभ दिया जाएगा। इसके साथ ही मिड डे मिल कर्मचारियों को मुख्यमंत्री परिवार समृद्धि योजना के तहत कवर किया जाएगा। वहीं, चीनी मिलों में कार्यरत कच्चे कर्मचारियों के वेतन में 14.29 फीसद बढ़ोतरी 1 अगस्त 2018 से लागू होगी। इन कर्मचारियों को बकाया वेतन का एरियर भी मिलेगा।

52 हजार आंगनबाड़ी कर्मचारियों को वार्षिक इंक्रीमेंट का लाभ

राज्य सरकार ने करीब 52 हजार आंगनबाड़ी कर्मचारियों को हर छह माह बाद अथवा वार्षिक के आधार पर इंक्रीमेंट देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री के अनुसार पैमाना तैयार किया जा रहा है। आंगनबाड़ी वर्कर के वेतन में सरकार ने 2018 में बढ़ोतरी की थी। सरकार ने कुशल और अर्धकुशल आंगनबाड़ी कर्मचारियों की दो श्रेणी बनाकर उन्हें इंक्रीमेंट देने का निर्णय लिया है।

यूएचसी के 226 कर्मचारियों को एनएचएम के समान सुविधाएं

भारतीय मजदूर संघ की मांग पर अरबन हेल्थ सेंटर (यूएचसी) में काम करने वाले 226 कर्मचारियों को नेशनल हेल्थ मिशन के तहत काम करने वाले कर्मचारियों की तरह लाभ मिलेंगे। इससे राज्य सरकार को हर साल 12.61 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च वहन करना पड़ेगा।

चीनी मिलों के 672 कच्चे कर्मचारियों का वेतन बढ़ा

चीनी मिलों में काम करने वाले 672 कच्चे कर्मचारियों के वेतन में सरकार ने एक अगस्त 2018 से 14.29 फीसद की बढ़ोतरी की है। मुख्यमंत्री के अनुसार 1 अगस्त 2018 से पक्के कर्मचारियों को यह वेतन बढ़ोतरी दी गई थी। अब एक करोड़ 88 लाख रुपये के एरियर के साथ तथा 90 लाख रुपये वार्षिक अतिरिक्त खर्च वहन करते हुए चीनी मिल के कच्चे कर्मचारियों को लाभान्वित किया जाएगा। वेतन बढ़ोतरी 1 अगस्त 2018 से ही लागू होगी।

पांच हजार ट्यूबवेल आपरेटरों को मिलेगा न्यूनतम वेतन 

गांवों में काम करने वाले पार्ट टाइम ट्यूबवेल आपरेटरों की भी सरकार ने चिंता की है। अभी तक यह ट्यूबवेल आपरेटर चार घंटे काम करते थे और उन्हें चार घंटे का ही आधा वेतन मिलता था। अब सरकार इन कर्मचारियों से आठ घंटे काम लेकर न्यूनतम वेतन देगी। करीब पांच हजार कर्मचारियों को अभी चार से साढ़े चार हजार रुपये तक वेतन मिलता है।

पैक्स कर्मचारियों को केंद्रीय सहकारी बैंकों में प्रमोशन

प्राथमिक कृषि सहकारी समितियां (पैक्स) में कार्यरत कर्मचारियों को सरकार ने केंद्रीय सहकारी बैंकों में प्रमोशन के तहत काम करने का मौका दिया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बताया कि केंद्रीय सहकारी बैंकों में 10 फीसद पदों पर पैक्स कर्मचारियों को नियुक्तियां दी जाएंगी। अभी इन बैंकों में लिपिकों के करीब 1300 पद हैं। 10 फीसद आरक्षण का लाभ पैक्स कर्मचारियों को मिलेगा, जिस लिहाज से 130 पद दिए जाएंगे।

पंचायतें देंगी ग्रामीण चौकीदारों का ईपीएफ

राज्य सरकार ने करीब 14 हजार ग्रामीण चौकीदारों को ईपीएफ के दायरे में लाने का बड़ा फैसला किया है। 12.5 फीसद ईपीएरफ़ की राशि पंचायतें देंगी और 12.5 फीसद ईपीएफ उनके वेतन से कटेगा। मनोहर लाल ने दावा किया कि सरकार के इस फैसले से ग्रामीण चौकीदारों को सामाजिक सुरक्षा मिलेगी।

जिला सूचना केंद्रों में कार्यरत कर्मचारियों के लिए सर्विस रूल

जिला सूचना केंद्रों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए सरकार अब नए सर्विस रूल तैयार करेगी। इन्हें नोटिफाई करना बाकी है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि सर्विस रूल बनने के बाद इन कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा मिलेगी।

ढाई लाख ट्यूबवेल किसानों का जुर्माना माफ

हरियाणा सरकार ने किसानों के कर्ज पर करीब पांच हजार करोड़ रुपये का ब्याज और जुर्माना माफ करने के बाद उन्हें अब और राहत प्रदान की है। राज्य सरकार ट्यूबवेल कनेक्शन धारक किसानों के लिए जुर्माना माफी योजना लेकर आई है। यह योजना उन किसानों के लिए है जो किसी कारण अपने ट्यूबवेल कनेक्शनों के बिजली बिल नहीं जमा करवा पाए। 31 मार्च 2019 तक के बकायेदार किसान बिना जुर्माने के सिर्फ मूल बिल राशि जमा करवाकर इस योजना का लाभ उठा पाएंगे। यह योजना 30 नवंबर तक लागू रहेगी।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल की मंजूरी के बाद बिजली निगमों ने किसानों के लिए यह योजना लांच की है। प्रदेश में किसानों को ट्यूबवेल बिजली कनेक्शनों पर सरकार द्वारा सब्सिडी पहले से उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि किसान अपनी फसलों की सिंचाई के लिए पानी की आपूर्ति आसानी से कर सकें। वर्तमान में 2 लाख 43 हजार से अधिक ऐसे कृषि उपभोक्ता हैं, जिनका ट्यूबवेल का 147 करोड़ रुपए बिजली बिल बकाया है। ऐसे सभी उपभोक्ताओं को मुख्यधारा में लाने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा उन्हें बिना किसी जुर्माने के बिल जमा कराने का मौका दिया गया है।

बिजली निगमों के चेयरमैन शत्रुजीत कपूर ने बताया कि ऐसे किसान जिनका कनेक्शन बिजली बिल न जमा करवाने के कारण काट दिया गया है, वह भी इस योजना का लाभ उठा पाएंगे। जिन किसानों का ट्यूबवेल बिजली कनेक्शन बीते दो साल में कटा है, बिना जुर्माने के सिर्फ बकाया मूल राशि जमा करवाने व निगम के अनुसार री-कनेक्शन की फीस जमा करवाने पर उनका कनेक्शन चालू कर दिया जाएगा। दो साल से भी पुराने कटे हुए कनेक्शनों की बकाया मूल राशि जमा करवाने पर किसान नए कनेक्शन के लिए आवेदन भी कर पाएंगे।

ढाई लाख ट्यूबवेल किसानों का जुर्माना माफ

हरियाणा सरकार ने किसानों के कर्ज पर करीब पांच हजार करोड़ रुपये का ब्याज और जुर्माना माफ करने के बाद उन्हें अब और राहत प्रदान की है। राज्य सरकार ट्यूबवेल कनेक्शन धारक किसानों के लिए जुर्माना माफी योजना लेकर आई है। यह योजना उन किसानों के लिए है जो किसी कारण अपने ट्यूबवेल कनेक्शनों के बिजली बिल नहीं जमा करवा पाए। 31 मार्च 2019 तक के बकायेदार किसान बिना जुर्माने के सिर्फ मूल बिल राशि जमा करवाकर इस योजना का लाभ उठा पाएंगे। यह योजना 30 नवंबर तक लागू रहेगी।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल की मंजूरी के बाद बिजली निगमों ने किसानों के लिए यह योजना लांच की है। प्रदेश में किसानों को ट्यूबवेल बिजली कनेक्शनों पर सरकार द्वारा सब्सिडी पहले से उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि किसान अपनी फसलों की सिंचाई के लिए पानी की आपूर्ति आसानी से कर सकें। वर्तमान में 2 लाख 43 हजार से अधिक ऐसे कृषि उपभोक्ता हैं, जिनका ट्यूबवेल का 147 करोड़ रुपए बिजली बिल बकाया है। ऐसे सभी उपभोक्ताओं को मुख्यधारा में लाने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा उन्हें बिना किसी जुर्माने के बिल जमा कराने का मौका दिया गया है।

बिजली निगमों के चेयरमैन शत्रुजीत कपूर ने बताया कि ऐसे किसान जिनका कनेक्शन बिजली बिल न जमा करवाने के कारण काट दिया गया है, वह भी इस योजना का लाभ उठा पाएंगे। जिन किसानों का ट्यूबवेल बिजली कनेक्शन बीते दो साल में कटा है, बिना जुर्माने के सिर्फ बकाया मूल राशि जमा करवाने व निगम के अनुसार री-कनेक्शन की फीस जमा करवाने पर उनका कनेक्शन चालू कर दिया जाएगा। दो साल से भी पुराने कटे हुए कनेक्शनों की बकाया मूल राशि जमा करवाने पर किसान नए कनेक्शन के लिए आवेदन भी कर पाएंगे।

सौर ऊर्जा से रोशन होंगी ढाणियां, किसान परिवारों को अब दो इनवर्टर

राज्य सरकार अब सभी ढाणियों (खेत में घर) में बिजली पहुंचाएगी। एक किलोमीटर के दायरे में स्थित ढाणियों में जहां बिजली पहुंचाई जाएगी, वहीं इससे अधिक दूर स्थित ढाणियों में अनुदान पर सोलर इनवर्टर व बैटरी दी जाएंगी। बड़े घरों में दो इनवर्टर दिए जाएंगे। इसके अलावा ट्यूबवेल कनेक्शन पर निर्भर परिवारों को एक बैटरी का सोलर इनवर्टर दिया जाएगा ताकि इन घरों में रात को रोशनी हो सके। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बुधवार को चंडीगढ़ स्थित अपने निवास पर यह घोषणाएं की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 'म्हारा गांव-जगमग गांव' योजना के तहत उनका लक्ष्य अगले छह महीने में सभी गांवों में 24 घंटे बिजली देने का है। फतेहाबाद, हिसार, सिरसा, भिवानी सहित कई अन्य जिलों में ढाणियां गांव से दो किलोमीटर तक दूर हैं जिनके लिए मनोहर ज्योति योजना का दायरा बढ़ाया गया है।

इन परिवारों को 22,500 रुपये का इनवर्टर सिर्फ साढ़े सात हजार रुपये में दिया जाएगा, बाकी 15 हजार रुपये प्रदेश सरकार वहन करेगी। इसका फायदा 16,700 ढाणियों को होगा जिनके लिए सब्सिडी पर कुल 37.5 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। अकेले फतेहाबाद जिले में इस तरह की 3500 ढाणियां हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ट्यूबवेल कनेक्शन वाले परिवारों को 500 वाट के सोलर इनवर्टर दिए जाएंगे जिनकी कीमत छह से दस हजार रुपये है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के किसी गांव में 15 घंटे से कम बिजली नहीं दी जा रही है।

घोषणाओं से पहले वित्त विभाग से दिलाई मंजूरी

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि केवल वही घोषणाएं करेंगे जो पूरी की जा सके। चंूकि आचार संहिता कभी भी लग सकती है, इसलिए आज विभिन्न वर्गों के लिए की गई घोषणाओं को वित्त विभाग से पहले ही मंजूरी दिला दी गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा द्वारा चुनावों से ठीक पहले गोहाना रैली में की ताबड़तोड़ घोषणाओं का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि अफसरों ने भी तब बजट का हवाला देते हुए हाथ खड़े कर दिए थे।

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Posted By: Kamlesh Bhatt

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