जेएनएन, चंडीगढ़। Government Job Recruitment: पिछले छह वर्षों में सरकारी महकमों और बोर्ड-निगमों में 85 हजार पदों पर भर्ती कर चुकी हरियाणा सरकार अगले चार साल में एक लाख और पदों पर भर्ती करेगी। नवरात्र का तोहफा देते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि बिना पर्ची और खर्ची के मेरिट आधार पर भर्ती किए जा रहे कर्मचारी निश्चित रूप से भ्रष्टाचार खत्म करने में सहायक होंगे।

हरियाणा निवास में शनिवार को पत्रकारों से रू-ब-रू मुख्यमंत्री ने कहा कि नवरात्र के शुभ अवसर पर वह शुद्धिकरण का मन बना चुके हैं। तहसील कार्यालयों में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के बाद आरटीए कार्यालयों में भी सिस्टम सुधारने के लिए बड़ा कदम उठाया है। आरटीए के बाद किसी और विभाग का चयन करेंगे, जहां पर भ्रष्टाचार की अधिक संभावना है।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि आरटीए कार्यालय में कर्मचारियों की संख्या सिर्फ 627 है। एक साल के अंदर-अंदर आरटीए कार्यालयों के लिए नई भर्ती की जाएगी। उन्होंने कहा कि पिछले छह वर्षों में सूचना प्रौद्योगिकी के माध्यम से सरकारी तंत्र में पारदर्शिता लाने व व्यवस्था में आमूल-चूल परिवर्तन लाने की पहल की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरिट आधार पर भर्तियां करने की बात हो या फिर अध्यापक स्थानांतरण नीति, राष्ट्रीय स्तर पर हरियाणा की इस पहल की सराहना हुई है। पहले स्थानीय निकाय बजट के लिए केंद्रीय वित्त आयोग या राज्य वित्त आयोग से ग्रांट पर निर्भर रहते थे, परंतु अब वे स्वयं के संसाधन जुटाने में लगे हैं। स्थानीय निकायों में जनभागीदारी को बढ़ावा दिया जाएगा।

शराब घोटाले से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि डिस्टलरी से लेकर शराब के ठेकेदारों तक एक कड़ी होती है और अलग-अलग राज्यों से इसके तार जुड़े रहते हैं। चंडीगढ़ का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि हालांकि यहां कोई डिस्टलरी नहीं है, लेकिन यहां पर कई बोटलिंग प्लांट हैं। इनसे अन्य राज्यों में शराब जाती है। उन्होंने कहा कि हरियाणा की डिस्टलरी में सीसीटीवी लगाए गए हैं। साथ ही पुलिस व ईटीओ कार्यालय की संयुक्त पेट्रोलिंग टीमें शराब की आवजाही पर निगरानी रखती हैं।

आबकारी से भर रहा सरकार का खजाना

प्रदेश में वर्ष 2014-15 में आबकारी राजस्व 3200 करोड़ रुपये था जो वर्ष 2020-21 में बढ़कर 6400 करोड़ रुपये हो गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना में लाकडाउन के बावजूद उम्मीद है कि इस साल आबकारी राजस्व 7000 करोड़ रुपये हो जाएगा। इसी तरह जीएसटी वैट व खनन से 338 करोड़ रुपये का राजस्व मिला है, जबकि पिछले वर्ष यह 330 करोड़ रुपये था। राजस्व में बढ़ोतरी यह दर्शाती है कि व्यवस्थाओं में सुधार हुए हैं। 

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