जेएनएन, चंडीगढ़। हरियाणा के सभी शहरों में अब मकान-दुकानों और जमीन की जियो मैपिंग होगी। शहरी स्थानीय निकाय ने भू-संपत्तियों की जियो मैपिंग सर्वे कराने का खाका तैयार कर लिया है। पहली बार किसी प्रदेश के सभी शहरी इलाकों में ड्रोन की मदद से आधार मानचित्र तैयार किया जाएगा।

शहरी स्थानीय निकाय मंत्री कविता जैन ने बताया कि सभी दस नगर निगमों, 18 नगर परिषदों तथा 53 नगर पालिकाओं का ड्रोन से सर्वे कराया जाएगा। इससे शहरों का बेस मानचित्र तैयार होगा जिसमें वार्ड सीमा, गली से लेकर घर-घर को जियो मैपिंग के लिए टैग करना आसान हो जाएगा।

कविता जैन।

मोबाइल एप्लीकेशन आधारित सर्वेक्षण में संपत्ति की जियो टैगिंग होगी। इससे संपत्ति के वास्तविक स्थान को नक्शे पर चिन्हित किया जा सकेगा। इसके बाद पूरे आंकड़े को एनआइसी के ऑनलाइन पोर्टल पर भी अपलोड किया जाएगा जिसे समय-समय पर अपडेट किया जा सकेगा।

कविता जैन ने कहा कि आधुनिक ड्रोन से एकत्रित उच्च गुणवत्ता चित्र द्वारा शहर का बेस मानचित्र तैयार किया जाएगा जिसे मोबाइल एप्लीकेशन की एपीआइ के रूप में प्रयोग कर सर्वेक्षण किया जाएगा। इससे स्थानीय निकायों को कर वसूली में आसानी होगी तथा राजस्व उत्पत्ति एवं एकत्रीकरण में स्थानीय निकाय की कठिनाई को खत्म किया जा सकेगा। इसके अलावा संपत्ति कर के नोटिस में होने वाली खामियों को ठीक कराने के लिए आमजन को भागदौड़ भी खत्म होगी।

यू चलेगी सर्वे की प्रक्रिया

सबसे पहले ड्रोन सर्वे के माध्यम से स्थानीय निकाय का बेस मानचित्र तैयार होगा। पुराने सर्वेक्षण का आंकड़ा और गलियों की कोडिंग ठेकेदार एजेंसी को उपलब्ध कराएंगे, ताकि सर्वेक्षण के समय संपत्ति की यूनिक आइडी देने में आसानी हो। सभी संपत्तियों की जियो टैगिंग के दौरान आनलाइन ट्रैकिंग से सर्वेक्षकों की निगरानी की जाएगी, ताकि वह अपने लक्ष्य को लेकर न भटकें।

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Posted By: Kamlesh Bhatt