सिरसा से कलायत बैठक तक... बीरेंद्र सिंह-गोकुल सेतिया के बीच छिड़ी जुबानी जंग; हरियाणा कांग्रेस में नहीं थम रही गुटबाजी
हरियाणा कांग्रेस में पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह और विधायक गोकुल सेतिया के बीच सार्वजनिक विवाद गहरा गया है। ...और पढ़ें
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बीरेंद्र सिंह और गोकुल सेतिया। फाइल फोटो
HighLights
बीरेंद्र सिंह और गोकुल सेतिया में सार्वजनिक राजनीतिक टकराव।
सिरसा प्रदर्शन और बृजेंद्र सिंह की शादी से विवाद बढ़ा।
कांग्रेस प्रभारी संजय दत्त ने नेताओं से एकजुटता की अपील की।
अनुराग अग्रवाल, चंडीगढ़। हरियाणा कांग्रेस में पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह और सिरसा के विधायक गोकुल सेतिया के बीच चल रहा विवाद अब सार्वजनिक राजनीतिक टकराव में बदल गया है। दोनों पक्षों के बीच पहले से चली आ रही तल्खी अक्टूबर में सिरसा में कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर फिर उभर आई।
मामला इतना बढ़ा कि गोकुल सेतिया ने कैथल जिले के कलायत में पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक के दौरान बीरेंद्र सिंह और उनके बेटे पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह पर खुला निशाना साधा।
विवाद की एक प्रमुख कड़ी गोकुल सेतिया के भाई विभोर की शादी में बृजेंद्र सिंह के शामिल नहीं होने से जुड़ी है। गोकुल सेतिया ने इस पर नाराजगी जताई और बृजेंद्र सिंह की सद्भावना यात्रा के दौरान सिरसा में उनके कार्यक्रम से दूरी बनाए रखी। बृजेंद्र सिंह ने सफाई दी थी कि वह यात्रा में व्यस्त होने के कारण शादी में शामिल नहीं हो सके थे।
कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान उजागर
मई में गोकुल सेतिया ने इंटरनेट मीडिया पर बृजेंद्र सिंह की यात्रा को लेकर टिप्पणी भी की थी। इसके बाद अगस्त में सिरसा जिला कांग्रेस अध्यक्ष संतोष बेनीवाल के साथ काम करने से गोकुल सेतिया ने वैचारिक मतभेदों का हवाला देते हुए इनकार कर दिया।
इन सभी घटनाक्रमों ने कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान को उजागर कर दिया है। सेतिया की तरफ से जहां तीखी और चुनौतीपूर्ण बयानबाजी की जा रही है, वहीं बीरेंद्र सिंह इशारों में उन्हें समझाने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि बृजेंद्र खुले रूप से हमलावर हैं।
बिरेंद्र सिंह को दी चुनौती
ताजा विवाद तब बढ़ा जब मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर सिरसा में कांग्रेस के प्रदर्शन के लिए बीरेंद्र सिंह को पर्यवेक्षक बनाया गया। गोकुल सेतिया ने इस फैसले पर सार्वजनिक आपत्ति जताते हुए कहा कि पार्टी नेतृत्व शायद उन्हें पार्टी का हिस्सा नहीं समझता।
उन्होंने बीरेंद्र सिंह को चुनौती भी दी। आठ अक्टूबर के प्रदर्शन में बीरेंद्र सिंह ने मार्च का नेतृत्व किया, जबकि गोकुल सेतिया इसमें शामिल नहीं हुए। अगले दिन कलायत में गोकुल सेतिया ने बीरेंद्र सिंह और बृजेंद्र सिंह पर फिर कटाक्ष किए। बृजेंद्र सिंह को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा खेमे का विधायक माना जाता है।
इस बीच, कांग्रेस प्रभारी संजय दत्त ने सार्वजनिक बयानबाजी करने वाले नेताओं से अपनी बात पार्टी के मंच पर रखने की अपील की है। पार्टी नेतृत्व के सामने अब चुनौती इस विवाद को थामने और जिला स्तर पर नेताओं के बीच समन्वय कायम करने की है।
हरियाणा कांग्रेस में गुटबाजी पर संजय दत्त पहले भी कह चुके हैं कि मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन संगठन को मजबूत करने के लिए उन्हें पार्टी के व्यापक उद्देश्यों पर हावी नहीं होने देना चाहिए।
