जेएनएन, चंडीगढ़। हरियाणा में कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेस-वे के साथ-साथ पांच नए शहर बसाने की तैयारी है। इनमें पहला शहर गुरुग्राम के दक्षिण में मानेसर के पास विकसित किया जाएगा। इन औद्योगिक शहरों के निर्माण की जिम्मेदारी प्रदेश सरकार ने हरियाणा राज्य औद्योगिक अवसंरचना विकास निगम (एचएसआइडीसी) को सौंपी है।

केएमपी किनारे पांच शहरों को विकसित करने के प्लान पर वीरवार को उच्चस्तरीय बैठक में मंथन हुआ। योजना के मुताबिक गुरुग्राम मानेसर अर्बन कांप्लेक्स से बाहर रहे क्षेत्र को विकसित करने के लिए अलग से मास्टर प्लान बनेगा जिसमें मानेसर से रेवाड़ी की तरफ का क्षेत्र और पटौदी के आसपास का एरिया शामिल होगा। मास्टर प्लान-2040 बनाने के लिए एचएसआइआइडीसी ने रिक्वेस्ट फोर प्रपोजल (आरएफपी ) जारी कर दी है।

प्रदेश सरकार की योजना केएमपी एक्सप्रेस-वे के आसपास ऐसे नए आधुनिक शहर बसाने की है जो गुरुग्राम और दिल्ली का बोझ कुछ कम करे। पहले चरण में मानेसर के पास विकसित किए जाने वाले शहर में एक लाख से ज्यादा एकड़ में रिहायशी, वाणिज्यिक और इंस्टीट्यूशनल क्षेत्रों का समावेश होगा।

इसकी तुलना दुबई या सिंगापुर से की जा सकेगी। पीपीपी मॉडल यानी पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के आधार पर विकसित किए जाने वाले इस शहर का एरिया चंडीगढ़ से करीब चार गुणा बड़ा होगा। यहां शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार आदि की तमाम सुविधाएं होंगी। खास बात ये कि यह शहर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) की सभी प्रमुख सड़कों से जुड़ा होगा।

नए शहर के लिए प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाने और इसे अमलीजामा पहनाने की रूपरेखा बनाने के लिए एचएसआइआइडीसी को सलाहकार चुनने के लिए कहा गया है। सलाहकार तय किए जाने के बाद मास्टर प्लान संबंधी रिपोर्ट छह महीने में आ जाएगी। रिपोर्ट में सामाजिक दायित्व व पर्यावरण संभावनाओं के बारे में भी विस्तार से बताना होगा। बाकी शहरों का प्रारूप क्या होगा, उसका भी इस रिपोर्ट में जिक्र रहेगा। रिपोर्ट में सड़क परिवहन, मेट्रो रेल के साथ दूसरी बुनियादी सुविधाओं का जिक्र भी होगा।

फिलहाल एचएसआइआइडीसी ही केएमपी कॉरिडोर और एक्सप्रेस-वे को विकसित करने का काम देख रहा है। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग समेत कई विभाग इस प्रोजेक्ट से जुड़े हैं। केएमपी कॉरीडोर के तहत नए शहर बसाने के लिए प्रदेश सरकार केएमपी अथॉरिटी बनाने जा रही है। इस अथॉरिटी के गठन के लिए एक्ट तैयार किया जा रहा है।

360 वर्ग किलोमीटर में डेवलप होगा औद्योगिक क्षेत्र

मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार राजीव जैन के मुताबिक केएमपी एक्सप्रेस-वे के दोनों ओर एक-एक किलोमीटर के क्षेत्र में ढांचागत विकास किया जाएगा, ताकि विभिन्न प्रकार के उद्योगों, व्यवसायों व अन्य प्रकार की गतिविधियों को सृजित किया जा सके। इससे काफी संख्या में लोगों को रोजगार मिलेगा। हरियाणा में केएमपी 180 किलोमीटर तक पड़ता है, जबकि 80 किलोमीटर हिस्सा उत्तर प्रदेश में हैं। इस लिहाज से राज्य सरकार हरियाणा में इस मार्ग के दोनों ओर 360 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को विकसित करेगी।

अगस्त में शुरू होगा केएमपी

प्रोजेक्ट से जुड़े अफसरों ने बैठक में बताया कि केएमपी एक्सप्रेस-वे अगस्त में शुरू हो जाएगा। इसके अलावा द्वारका एक्सप्रेस-वे की सभी अड़चनें दूर कर दी गई हैं। अगले महीने शत-प्रतिशत राइट ऑफ वे क्लीयर कर इसे भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) को सौंप दिया जाएगा। एनएचएआइ ने इस हाईवे के निर्माण के लिए एलएंडटी से समझौता किया है।

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Posted By: Kamlesh Bhatt

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