नई दिल्ली, [बिजेंद्र बंसल]। भाजपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी की दो दिवसीय बैठक हरियाणा के लिए काफी अहम रही। राज्य के कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी में पारित कृषि प्रस्ताव पर सुझाव दिया कि अब किसानों को फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की बजाय न्यूनतम लाभकारी मूल्य (एमपीपी) मिलना चाहिए।

भाजपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में हरियाणा के कृषि मंत्री ने कृषि प्रस्ताव पर दिए सुझाव

ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि वर्ष 1966 में कृषि मूल्य आयोग बनाया गया था, लेकिन तब से अब तक किसी ने फसलों के मूल्य में लाभ जोडऩे की बात नहीं की। पहले फसलों के मूल्य तय करने के लिए केवल मात्र छह आधार होते थे, अब सातवां आधार भाजपा सरकार ने जोड़ा है।

कृषि मंत्री ने बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह की मौजूदगी में कहा कि जय जवान, जय किसान के नारे को केवल भाजपा सरकार ने ही चरितार्थ करने का काम किया है। केंद्र सरकार ने जहां वन रैंक वन पेंशन की योजना के तहत जवानों को 10,800 करोड़ रुपये दिए, वही किसानों को फसल का डेढ़ गुना लाभकारी मूल्य देने के लिए 33,500 करोड़ रुपये दिए हैं। धनखड़ ने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह का  हरियाणा सरकार और प्रदेश की जनता की तरफ से आभार भी जताया।

बैठक में अंबाला से पार्टी के सांसद रतनलाल कटारिया ने कहा कि देश को आजाद हुए 70 साल से अधिक हो चुके हैं, लेकिन आज तक किसी भी दल ने राजनीतिक प्रस्ताव में गरीबों और पिछड़ों के उत्थान की बात नहीं रखी। बैठक में वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने भी कुछ सुझाव दिए।

बैठक में मुख्यमंत्री मनोहर लाल, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुभाष बराला सहित हरियाणा से केंद्र में मंत्री बीरेंद्र सिंह, राव इंद्रजीत सिंह, कृष्णपाल गुर्जर सहित प्रदेश के शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा और  भाजपा की राष्ट्रीय सचिव डॉक्टर सुधा यादव भी मौजूद रहे।

 

Posted By: Sunil Kumar Jha