हरियाणा में किसानों की बल्ले-बल्ले, खाद पर मिलेगी बंपर सब्सिडी; पोर्टल पर करना होगा आवेदन
हरियाणा सरकार रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी को हो रहे नुकसान को रोकने के लिए जैविक खेती को ...और पढ़ें
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हरियाणा में किसानों की बल्ले-बल्ले। फाइल फोटो
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। रासायनिक उर्वरकों ( यूरिया और डीएपी) के अत्यधिक और असंतुलित उपयोग से मिट्टी की प्राकृतिक संरचना, उसमें मौजूद लाभकारी सूक्ष्मजीव और जल-धारण क्षमता नष्ट हो रही है, जिससे वह धीरे-धीरे बंजर होने की कगार पर पहुंच रही है। इसे रोकने के लिए हरियाणा सरकार जैविक खाद (वर्मीकंपोस्ट)के जरिए प्राकृतिक तरीके से खेती पर पर जोर दे रही है।
इसी दिशा में नायब सरकार ने निर्णय लिया है कि किसानों को एक एकड़ खेत के लिए जैविक खाद दी जाएगी। जैविक खाद खरीदने पर किसान को रकम के बीस प्रतिशत हिस्से को ही देना पड़ेगा, 80 प्रतिशत सरकार की ओर से सब्सिडी दी जाएगी। सब्सिडी की कीमत सरकार वहन करेगी।
जैविक खाद के जरिए खेती करवाने का लक्ष्य
डीएपी, यूरिया की जगह जैविक खाद से खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने बजट में की थी घोषणा, जिस पर अब अमल शुरू हुआ है। रबी के सीजन में आवेदन और खरीद की तिथि 31 दिसंबर तय की गई है। प्रदेश सरकार ने इस वर्ष एक लाख एकड़ में जैविक खाद के जरिए खेती करवाने का लक्ष्य तय किया है।
योजना के तहत किसानों को जैविक खाद लाइसेंस लेने वाले खाद विक्रेता के यहां से बोरी की खरीद करनी होगी। विक्रेता भी वही खाद रखेगा जिसे बनाने वाली कंपनी को प्रदेश सरकारी की ओर से अनुमति दी गई है। सुविधा पाने के लिए किसानों को मेरी फसल, मेरा ब्योरा पोर्टल पर आवेदन करना होगा।
एक एकड़ के दायरे को बढ़ाकर पांच एकड़ किया जाना चाहिए
हालांकि, वह किसान चिंतित हैं जो एक एकड से अधिक जमीन पर खेती करते हैं। महेंद्रगढ़ के रहने वाले रामकिशन, रेवाड़ी के सुतार सिंह ने खाद देने वाले एक एकड़ के दायरे को बढ़ाकर पांच एकड़ किया जाना चाहिए। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा बेहतर परिणाम आने के बाद भूमि के दायरे को बढ़ाया जा सकता है।
