किसने मारा पहला थप्पड़? 3 हफ्ते बाद भी नहीं ढूंढ पाई कांग्रेस, फरीदाबाद थप्पड़ कांड में अब तक नहीं हुई कार्रवाई
हरियाणा कांग्रेस में फरीदाबाद के थप्पड़ कांड को 21 दिन बीतने के बाद भी अनुशासन समिति किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है।
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कांग्रेस नेत्रियों का थप्पड़ कांड 21 दिन बाद भी अधर में।
HighLights
थप्पड़ कांड पर 21 दिन बाद भी फैसला नहीं
कांग्रेस अनुशासन समिति की कार्रवाई में देरी पर सवाल
पराग शर्मा और गजना लांबा के बीच हुई थी झड़प
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा कांग्रेस में फरीदाबाद के थप्पड़ कांड को 21 दिन बीत चुके हैं, लेकिन पार्टी की प्रदेश अनुशासन समिति अब तक इस नतीजे पर नहीं पहुंची है कि थप्पड़बाजी की शुरुआत किसने की थी और इसके लिए कौन महिला नेता दोषी है।
आठ अक्टूबर को कांग्रेस के काला दिवस प्रदर्शन के दौरान बल्लभगढ़ से पार्टी की पूर्व प्रत्याशी पराग शर्मा और महिला कांग्रेस की पूर्व जिलाध्यक्ष गजना लांबा के बीच हुई धक्का-मुक्की और थप्पड़बाजी का वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में आया था। कांग्रेस के सह प्रभारी जितेंद्र बघेल की मौजूदगी में हुए इस घटनाक्रम के बाद दोनों कांग्रेस नेत्रियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे।
प्रदेश कांग्रेस की अनुशासन समिति के अध्यक्ष एवं पूर्व प्रदेशाध्यक्ष धर्मपाल मलिक ने मामले में जवाब मांगे थे। हालांकि, तीन सप्ताह बीतने के बाद भी कार्रवाई नहीं होने से पार्टी के भीतर अनुशासनात्मक प्रक्रिया को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
ऐसा इसलिए भी हो रहा है, क्योंकि पराग शर्मा की दिल्ली में राजनीतिक पहुंच से कोई नेता अनभिज्ञ नहीं है, जिसका असर पार्टी के सक्रिय व मेहनती कार्यकर्ताओं पर न्याय नहीं मिलने के रूप में पैदा हो रही निराशा के तौर पर सामने आ रहा है।
थप्पड़बाजी के घटनाक्रम के दौरान पराग शर्मा के व्यवहार को लेकर कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी है। सार्वजनिक कार्यक्रम में दो महिला नेताओं के बीच हुई हाथापाई ने कांग्रेस की आंतरिक अनुशासन व्यवस्था पर सवाल खड़े किए थे, जिसे अभी तक अनुशासन समिति किसी नतीजे पर नहीं पहुंचा पाई है। कांग्रेस पार्टी के भीतर यह मुद्दा भी उठ रहा है कि सार्वजनिक मंच पर इस तरह का व्यवहार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई में देरी से कार्यकर्ताओं के बीच क्या संदेश जाएगा।
कांग्रेस के कई कार्यकर्ताओं से हो चुकी पराग की झड़प
पराग शर्मा को 2024 के विधानसभा चुनाव में बल्लभगढ़ से कांग्रेस का टिकट मिला था। स्थानीय स्तर पर उनकी उम्मीदवारी को लेकर विरोध भी सामने आया था। पराग शर्मा के अभी तक कई विवाद सामने आ चुके हैं, जिसे गजना लांबा ने अपने नोटिस के जवाब में शामिल किया है।
अनुशासन समिति के एक पदाधिकारी ने बताया कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों नेत्रियों के जवाब समिति को प्राप्त हुए हैं या नहीं। बैठक की अगली तारीख भी निर्धारित नहीं है। कुछ मामलों में यदि नोटिस पाने वाला नेता अपनी गलती स्वीकार कर लेता है, तो समिति नरमी बरतते हुए उसे माफ भी कर सकती है। ऐसे में अब निगाहें धर्मपाल मलिक की अध्यक्षता वाली समिति के अगले कदम पर हैं।
