राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़।  हरियाणा में पिछले दिनों भर्ती परीक्षाओं का अंतरराज्यीय पेपर लीक गिरोह पकड़ में आने के बाद अब फर्जी इंटरव्यू लेटर जारी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह को भंडाफोड़ हुआ है। गिरोह के सरगना ने लाखों रुपये लेकर न केवल हरियाणा विधानसभा में विभिन्न पदों के लिए चल रही भर्ती प्रक्रिया के लिए फर्जी इंटरव्यू लेटर जारी किए, बल्कि हरियाणा पुलिस में कांस्टेबल (जनरल ड्यूटी) और दिल्ली पुलिस में भर्ती के फर्जी नियुक्ति पत्र भी जारी कर दिए। आरोपित के पास से हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की विभिन्न भर्ती परीक्षाओं के 50 फर्जी प्रवेशपत्र भी मिले हैं। हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता की शिकायत पर चंडीगढ़ पुलिस ने मुख्य आरोपित को आठ दिन के रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

हरियाणा विधानसभा के नौ फर्जी इंटरव्यू लेटर, कर्मचारी आयोग की भर्ती के 50 फर्जी प्रवेश पत्र 

मामले में हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग में कार्यरत कुछ कर्मचारी भी शक के दायरे में हैं, जिनके मोबाइल नंबर आरोपित के मोबाइन फोन में मिले हैं। इसके अलावा हरियाणा विधानसभा के किसी कर्मचारी की मिलीभगत को लेकर भी छानबीन की जा रही है, क्योंकि जिस तरह के फर्जी इंटरव्यू लेटर जारी किए गए हैं, उसके लिए प्रतिलिपि उपलब्ध कराने में स्टाफ के किसी व्यक्ति की मिलीभगत से इन्कार नहीं किया जा सकता।

दिल्ली व हरियाणा पुलिस में भर्ती के जाली नियुक्ति पत्र मिले

मुख्य आरोपित की पहचान अंबाला के गांव लच्छेड़ी निवासी जितेंद्र के रूप में हुई है। खुद को एक मंत्री का निजी सहायक (पीए) बताने वाला आरोपित उद्योग विभाग में क्लर्क रह चुका है। उसके पास क्लर्क और सहायक सहित तीन परिचय पत्र (आइकार्ड) मिले हैं। फर्जीवाड़े का खुलासा करने वाले हरियाणा विधानसभा के मार्शल सतीश नांदल और स्थापना शाखा के सतीश के सामने पूछताछ में आरोपित ने माना कि उसने पांच-छह एजेंट बनाए हुए हैं जो बेरोजगार युवाओं को फंसाकर नौकरी के नाम पर मोटी रकम वसूलते थे। उसने 13 युवाओं से 75 लाख रुपये लेने की बात स्वीकार की है।

अंबाला का है मास्टरमाइंड, एजेंटों के जरिये चला रहा था रैकेट,13 युवाओं से 75 लाख रुपये लेने की बात मानी

चंडीगढ़ के सेक्टर 34 में बाकायदा भर्ती कार्यालय बनाकर पूरा रैकेट चला रहे जितेंद्र ने छह बैंक अकांउट खोले हुए हैं। इनमें नौकरी का लालच देकर युवाओं से मोटी 50 हजार रुपये से लेकर 15 लाख रुपये तक की रकम ट्रांसफर कराई गई। इसके अलावा तीन फर्जी ई-मेल आडइी मिली हैं। चंडीगढ़ पुलिस जांच कर रही है कि कितने लोगों को फर्जी इंटरव्यू लेटर या नियुक्ति पत्र जारी किए गए। हरियाणा विधानसभा में भर्ती के लिए कुल नौ युवाओं को फर्जी इंटरव्यू लेटर बनाए गए थे। इनमें चार क्लर्क के लिए, एक अंग्रेजी रिपोर्टर और चार चौकीदार के लिए फर्जी लेटर बनाए गए।

ऐसे हुआ मामला का खुलासा

दरअसल हरियाणा विधानसभा में हिंदी और अंग्रेजी के रिपोर्टर, क्लर्क और चौकीदार के 13 पदों पर भर्ती के लिए साक्षात्कार की प्रक्रिया चल रही है। 17 अक्टूबर को पिंजौर निवासी नीरज साक्षात्कार के लिए हरियाणा विधानसभा पहुंचा, जबकि उस दिन रविवार होने के कारण साक्षात्कार था ही नहीं। विधानसभा स्टाफ ने स्थापना शाखा के सतीश के वाट्सएप पर इंटरव्यू लेटर का फोटो भेजा तो यह फर्जी निकला। इसके बाद नीरज के दस्तावेज विधानसभा कर्मचारियों ने अपने पास रख लिए और उसे अगले दिन साक्षात्कार के बहाने बुलाया। फिर दो-तीन दिन की पूछताछ में मामले की सारी परतें उघड़ती चली गईं।

जिस युवती से 30 नवंबर को थी शादी, उसे भी बनाया शिकार

आरोपित जितेंद्र ने नीरज को झांसा दिया था कि वह अपनी बहन की शादी उससे करा दे। बदले में वह उसकी नौकरी लगवा देगा। इसके बाद युवक की बहन से सगाई भी हो गई और 30 नवंबर को आरोपित की शादी होनी है। हालांकि जितेंद्र ने बड़ी चालाकी से कोरोना का हवाला देते हुए इंटरव्यू स्थगित होने की बात कही थी, लेकिन धोखाधड़ी से अनजान युवक साक्षात्कार देने विधानसभा चला आया और सारा फर्जीवाड़ा उजागर हो गया। झांसे में आया युवक पहले से आर्कोलाजिकल सर्वे आफ इंडिया में कार्यरत है।

Edited By: Sunil Kumar Jha