चंडीगढ़ [दयानंद शर्मा]। हरियाणा के सोनीपत जिले के राई विधानसभा क्षेत्र से मात्र तीन मतों के अंतर से चुनाव जीते कांग्रेस विधायक जयतीर्थ दहिया के भाग्य का फैसला अब 16 जुलाई को होगा। इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (EVM) और चुनाव से जुड़े तमाम रिकार्ड की सीलबंद रिपोर्ट हाईकोर्ट में पेश कर दी गई है। तीन वोट के मामूली अंतर से हारने वाले इनेलो उम्मीदवार इंद्रजीत सिंह दहिया ने जयतीर्थ दहिया की जीत को चुनौती दी थी।

जयतीर्थ दहिया पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के करीबी विधायक हैं। कई मौकों पर वे हरियाणा कांग्रेस के अध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर के विरुद्ध मोर्चा खोलते देखे गए। पिछली बैठक में तंवर और दहिया के बीच बहस तक हो गई थी। दहिया ने संकल्प ले रखा था कि जब तक हुड्डा दोबारा सीएम नहीं बनते, तब तक वे अपनी टोपी नहीं उतारेंगे।

हाईकोर्ट में यह मामला 2014 से चल रहा है। अब मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल अक्टूबर में खत्म होने वाला है तो हाईकोर्ट के फैसले पर सबकी निगाह टिक गई है। हाईकोर्ट में सोमवार को इस केस से जुड़े तमाम पक्षों ने अपने-अपने पक्ष में दलीलें रखी। सभी पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने 16 जुलाई मंगलवार को इस मामले में फैसला सुनाने का निर्णय दिया है।

पिछले बृहस्पतिवार को चुनाव से जुड़ी कुछ बूथों की EVM व रिकार्ड रजिस्ट्रार को सौंपा गया था। हाईकोर्ट ने EVM विशेषज्ञ रवि रंजन व रजिस्ट्रार को इस रिकार्ड की जांच व डिकोड कर सोमवार को सील बंद रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे। इन निर्देशों के तहत पूरी रिपोर्ट अदालत में जमा करा दी गई है।

अक्टूबर 2014 में हुए विधानसभा चुनाव में राई हलके से कांग्रेस प्रत्याशी जयतीर्थ दहिया को 36,403 वोट मिले थे, जबकि इनेलो प्रत्याशी इंद्रजीत दहिया को 36,400 वोट मिले थे। सिर्फ तीन वोट से हारने वाले इंद्रजीत दहिया ने जयतीर्थ दहिया की जीत व अपनी हार को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी। इस पर हाईकोर्ट ने कुछ बूथों की EVM सील करने के निर्देश दिए थे।

हाईकोर्ट ने गत 15 मई को EVM भी जमा कराने के निर्देश दिए, लेकिन चुनावी व्यस्तता के कारण EVM जमा नहीं हो पाई थी। बढ़ खालसा के Booth No. 83 व कुंडली के Booth No. 131 के पोलिंग आफिसर्स ने हाईकोर्ट में रिकॉर्ड पेश किया। आरोप है कि इसमें दीपचंद व किताब कौर का कुंडली व बढ़ खालसा दोनों जगह वोट मिला। दोनों जगह वोट डाला भी गया। अब दीपचंद की मौत हो चुकी है, इसलिए EVM के डिकोड के बाद ही कोर्ट निर्णय पर पहुंच सकेगा।

जयतीर्थ का चुनाव रद हुआ तो वेतन और सुविधाओं की होगी रिकवरी

अगर कांग्रेस विधायक जयतीर्थ दहिया का चुनाव रद हो जाता है तो उनसे सभी सुविधाएं तथा वेतन की रिकवरी होगी, जो उन्हें एक विधायक के तौर पर मिली थी। संविधान विशेषज्ञ एडवोकेट सत्यपाल जैन के अनुसार ऐसे ही एक मामले में नौ अक्टूबर 2014 को हाईकोर्ट की एकल बेंच ने कुलदीप बिश्नोई की याचिका पर सुनवाई करते हुए हजकां के पांच सदस्यों की सदस्यता कांग्रेस ज्वाइन करने की तिथि नौ नवंबर 2009 से ही रद कर दी थी।

एकल बेंच ने फैसला सुनाते हुए कहा था कि इन सभी की विधानसभा की सदस्यता नौ नवंबर 2009 से खारिज मानी जाएगी। सदस्यता रद होने की तिथि के बाद इन विधायकों द्वारा विधायक के तौर पर ली गई सुविधा व वेतन की रिकवरी के भी हाईकोर्ट ने आदेश दिए थे। हालांकि इस आदेश पर स्टे आर्डर ले लिया गया था।

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Posted By: Kamlesh Bhatt

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