जेएनएन, चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने अपने एक आदेश में स्पष्ट किया किया है कि अगर किसी कर्मचारी ने दो दशक तक पार्ट टाइम कर्मचारी के तौर पर काम किया और रिटायरमेंट से कुछ समय पहले उसे नियमित किया गया है तो वह भी पेंशन लाभों का हकदार है। हाई कोर्ट ने यह फैसला एक सेवादार की याचिका पर दिया।

याची जय भगवान ने हाईकोर्ट को बताया कि वह वर्ष 1992 में स्कूल में चपरासी के पद पर पार्ट टाइम नियुक्त किया गया था। वर्ष 2012 में उसे नियमित कर दिया गया और वर्ष 2015 में रिटायर हो गया। जय भगवान ने रिटायरमेंट के बाद जब पेंशन लाभ की मांग की। शिक्षा विभाग ने उसकी मांग यह कहकर खारिज कर दी गई कि वह वर्ष 1992 से लेकर 2012 तक पार्ट टाइम (एडहाक) पर कार्यरत था। ऐसे में उसे स्थायी कर्मी नहीं माना जा सकता और उसे पेंशन लाभ नहीं दिए जा सकते।

याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने कहा कि दो दशक तक विभाग की सेवा करने के बाद कैसे एक कर्मचारी को उसके हक से वंचित रखा जा सकता है। हाई कोर्ट ने हरियाणा सरकार को आदेश दिया कि दो महीने के भीतर याची के पेंशन लाभ की गणना की जाए व उसके एक महीने के बाद याची को वह लाभ जारी किए जाएं।

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