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बिजली कर्मचारियों ने नहीं की मंत्री अनिल विज से वार्ता, 3 दिन की हड़ताल पर गए; अधिकारियों की छुट्टियां रद

By Sudhir TanwarEdited By: Nitish Kumar Kushwaha
Published: Wed, 21 Oct 2026 10:35 PM (IST)

हरियाणा में गुरुग्राम और नूंह में निजी कंपनी को बिजली वितरण लाइसेंस देने के एचईआरसी के फैसले पर विवाद गहरा ...और पढ़ें

रात 10 बजते ही 3 दिन की हड़ताल पर गए हरियाणा के बिजली कर्मचारी।

रात 10 बजते ही 3 दिन की हड़ताल पर गए हरियाणा के बिजली कर्मचारी।

HighLights

  1. निजी कंपनी को बिजली लाइसेंस पर कर्मचारी हड़ताल पर

  2. सरकार ने कर्मचारियों का समर्थन कर अपील का वादा किया

  3. पूर्व मुख्यमंत्री हुड्डा ने भी निजीकरण का विरोध किया

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। गुरुग्राम और नूंह में बिजली वितरण के लिए इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड को पैरलल (समानांतर) लाइसेंस देने के हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (एचईआरसी) के फैसले पर टकराव बढ़ता जा रहा है। बुधवार को बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने बिजली मंत्री अनिल विज द्वारा बुलाई गई बैठक से किनारा कर लिया।

बिजली कर्मचारियों ने जहां दिन में प्रदेशभर में आदेश की प्रतियां जलाकर प्रदर्शन किए गए तो रात 10 बजते ही तीन दिन की हड़ताल पर चले गए। यह हड़ताल 22, 23 व 24 अक्टूबर तक रहेगी। इस दौरान बिजली अधिकारियों की छुट्टियां रद कर दी गई हैं।

वहीं, मुख्यमंत्री आवास पर बिजली विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक के बाद अनिल विज ने कहा कि सरकार कर्मचारियों के साथ है। विद्युत विनियामक आयोग के फैसले के खिलाफ पांच-छह दिन के अंदर अपीलीय प्राधिकरण में अपील करते हुए आदेशों पर स्टे लिया जाएगा।

साझा मोर्चा के सदस्य देवेंद्र सिंह हुड्डा, रविंद्र घणघस, इकबाल चांदना, बिजेंद्र सिंह बराड़, बलजीत बेनीवाल, सुरेश राठी, यशपाल देसवाल व राजेश सिरोही ने बताया कि मोर्चा की तरफ से हड़ताल का नोटिस देने से पहले पत्र और स्मरण पत्र लिखकर समीक्षा बैठक का समय मांगा गया, लेकिन सरकार ने न तो मानी हुई मांगों को लागू किया और न ही मीटिंग का समय दिया।

कर्मचारी नेताओं ने आरोप लगाया कि एचईआरसी ने अनुभवहीन निजी कंपनी को पैरलल लाइसेंस देकर जले पर नमक छिड़कने का काम किया है। बिजली कर्मचारी अपनी आर्थिक मांगों को पीछे रखकर बिजली को सरकारी क्षेत्र में रखवाने और किसानों व गरीबों के लिए सब्सिडी के साथ बिजली उपलब्ध करवाने के लिए हड़ताल कर रहे हैं। हड़ताली कर्मचारी जानबूझकर बिजली आपूर्ति में बाधा उत्पन्न नहीं करेंगे और हड़ताल पर रहते हुए अस्पतालों की बिजली सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करेंगे।

इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज फेडरेशन आफ इंडिया (ईईएफआई) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुभाष लांबा व आल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन के चेयरमैन शैलेंद्र दुबे ने कहा कि अगर हड़ताली कर्मियों के खिलाफ कोई दमनात्मक कार्रवाई की गई तो देशभर में इसका मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।

बिजली अधिकारियों की छुट्टियां रद

बिजली कर्मचारियों की 22 से 24 अक्टूबर तक की हड़ताल को देखते हुए सरकार ने सभी अधिकारियों की छुट्टियां रद कर दी हैं। सभी को तत्काल अपने कार्यस्थल पर रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।

हुड्डा भी उतरे बिजली के निजीकरण के विरोध में

पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने बिजली के निजीकरण का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड को गुरुग्राम और नूंह जैसे राजस्व जिलों की बिजली वितरण के लिए पैरेलल लाइसेंस देना घातक कदम साबित होगा।

साजिश के तहत कृषि उपभोक्ताओं के लिए एग्री डिस्काम को अलग किया जा रहा है ताकि प्राइवेट कंपनी को किसानों के हिस्से की बिजली आपूर्ति हो और किसानों को मिलने वाली सब्सिडी धीरे-धीरे खत्म हो जाए। कांग्रेस ने अपने कार्यकाल में किसानों को 10 पैसे प्रति यूनिट बिजली दी थी, जिसे खत्म करने की साजिश है।