राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने मकर संक्रांति के दिन अफसरशाही में बड़ा बदलाव किया है। शहरी निकायों के बाद बिजली विभाग का कामकाज संभाल रहे एसएन राय को सरकार ने इस जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया है। फिलहाल उन्हें प्रतीक्षा सूची में रखा गया है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव, चकबंदी विभाग के मुखिया और वित्तायुक्त पीके दास को पावरफुल करते हुए प्रदेश सरकार ने उन्हें बिजली विभागों की भी जिम्मेदारी सौंप दी है।

हरियाणा की अफसरशाही में चर्चित अधिकारी एसएन राय को सरकार बड़ी जिम्मेदारी भी सौंप सकती है। पीके दास 1986 बैच के आइएएस अधिकारी हैं, जबकि एसएन राय 1987 बैच के आइएएस हैं। इसी तरह प्रदेश सरकार ने परिवहन विभाग में बड़ा बदलाव किया है। एडीजीपी नवदीप सिंह विर्क को प्रदेश सरकार ने परिवहन विभाग का प्रधान सचिव नियुक्त किया है। नवदीप सिंह विर्क 1994 बैच के आइपीएस अधिकारी हैं और अभी तक एडीजीपी कानून एवं व्यवस्था के पद पर कार्यरत थे।

अभी तक उनकी पत्नी 1994 बैच की आइपीएस अधिकारी कला रामचंद्रन के पास परिवहन विभाग के प्रधान सचिव पद की जिम्मेदारी थी। फिलहाल कला रामचंद्रन को नई जिम्मेदारी नहीं मिली है। कला रामचंद्रन से पहले परिवहन विभाग के प्रधान सचिव की जिम्मेदारी आइपीएस अधिकारी शत्रुजीत कपूर के पास थी, जिन्हें सरकार ने विजिलेंस ब्यूरो प्रमुख बना दिया है। नवदीप विर्क, कलारामचंद्रन और एसएन राय की बदली जिम्मेदारियों के चलते जल्द ही अफसरशाही में और भी बड़ा बदलाव हो सकता है।

स्वतंत्रता सेनानियों को घर पर सम्मानित करेगे प्रशासनिक अधिकारी

हरियाणा में इस बार गणतंत्र दिवस समारोह बड़े स्तर पर नहीं मनाया जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्रालय की गाइड लाइन का इंतजार कर रही प्रदेश सरकार ने बृहस्पतिवार को आदेश जारी किए हैं कि गणतंत्र दिवस पर सभी स्वतंत्रता सेनानियों को इस बार उनके घर जाकर सम्मानित किया जाए। इस काम में जिला प्रशासन का सहयोग लोकल कमेटियां करेंगी।

मुख्य सचिव संजीव कौशल की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के दिशा निर्देश मिलने के बाद यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किस जिले में कौन मंत्री या अधिकारी झंडा फरहराएगा। इन दिशा निर्देशों का प्रदेश सरकार को इंतजार है। जिला स्तरीय कार्यक्रमों में इस बार कोविड से बचाव के लिए पीटी शो भी आयोजित नहीं करने का निर्णय लिया गया है।

मुख्य सचिव ने सभी मंडलायुक्तों व जिला उपायुक्तों को जारी परिपत्र में कहा है कि गणतंत्र दिवस पर बड़े कार्यक्रमों के आयोजन से बचना होगा। हर जिले में छोटे-छोटे कार्यक्रम किए जाएं और उनका इंटरनेट मीडिया के जरिए प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग अपने घर बैठकर कार्यक्रमों को देख सकें। संजीव कौशल ने कहा है कि सार्वजनिक कार्यक्रमों में 10 साल से कम उम्र के बच्चों और बुजुर्गों को शामिल न किया जाए। इसके अलावा रुटीन में होने वाली प्रैक्टिस भी अब जरूरी नहीं है, क्योंकि कोरोना से बचाव सबसे पहली और बड़ी आवश्यकता है।

Edited By: Kamlesh Bhatt