जेएनएन,चंडीगढ़ : सिर पर छत का सपना देख रहे प्रदेश के लाखों लोगों को अभी और इंतजार करना पड़ेगा। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत सस्‍ते मकान के लिए हरियाणा में आठ लाख लोगों ने आवेदन किया है। पहले चरण में सरकार करीब पौने दो लाख लोगों को ही सस्ते मकान दिला पाएगी। 

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत दावेदारों की बढ़ी तादाद को देखते हुए अब सरकार ने 70 हजार और लोगों को सस्ते मकान देने की योजना बनाई है। इसके बावजूद शुरूआती दौर में लाखों आवेदक इससे वंचित रह सकते हैं। सरकार का मानना है कि ग्र्राउंड सर्वे के दौरान ही करीब चार लाख लोग रेस से बाहर हो सकते हैं।

आवेदकों की फौज देख सरकार 70 हजार और मकान देने पर राजी

सभी शहरी गरीबों को मकान मुहैया कराने के लिए नगरपालिकाओं ने पहली जून से 15 जुलाई तक डिमांड सर्वे चलाते हुए पात्र लोगों से आवेदन मांगे थे। केंद्र सरकार की इस योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए जयपुर की कंपनी ने सर्वे चलाया। पहले चरण में ही आठ लाख लोगों ने मकान के लिए फार्म जमा करा दिए। अब कंपनी के कारिंदे घर-घर जाकर आवेदकों की आय और संपत्ति की जांच करने में लगे हैं। इसके बाद पात्र परिवारों की सूची तैयार कर सरकार को भेजी जाएगी।

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पहले चरण में आधे से अधिक लोगों को नहीं मिल पाएंगे सस्ते मकान

कड़ी शर्तों के कारण सर्वे के दौरान आधे लोगों की दावेदारी खारिज होनी तय है। वहीं बड़ी संख्या में अपात्र लोगों ने भी आवेदन कर डाले हैं। इसके अलावा ऐसे लोगों की संख्या भी कम नहीं है जिन्होंने मकान होते हुए भी आवेदन कर दिए। ऐसे में इन लोगों के नाम कटने तय हैं।

सर्वे में खामियां उजागर

प्रदेश में विभिन्न स्थानों पर सर्वे में खामियां उजागर होने लगी हैं। कई स्थानों पर एजेंसी कर्मचारी आवेदकों दस्तावेजों की गहराई से जांच करने की बजाय सतही जानकारी ले रहे हैं तो कहीं सिर्फ टेलीफोन के जरिए सर्वे पूरा हो रहा है। ऐसे में पात्र लोगों के मकान की दौड़ में पिछड़ने की आशंकाएं प्रबल हो उठी हैं।

सर्वे में नहीं सियासी दखल : सीएम

वर्ष 2022 तक सभी शहरी गरीबों को मकान दिलाने का लक्ष्य है। पहले चरण में सभी को घर दिलाने के लिए सर्वे चल रहा है। सर्वे के बाद भी कोई व्यक्ति रहता है तो वह डीसी, एडीसी, कमिश्नर के पास अपील कर सकते हैं। अपात्र लोगों को किसी भी सूरत में सरकारी मदद नहीं मिलेगी। चाहे वह किसी भी दल का क्यों न हो। पात्र लोगों को ऋण आधारित सब्सिडी, अफोर्डेबल हाउसिंग योजना, स्वयं आवास का निर्माण या विस्तार, कच्ची बस्ती का यथा स्थान पुन: विकास योजना के  तहत अपना घर मुहैया कराया जाएगा।

                                                                                                   - मनोहर लाल, मुख्यमंत्री, हरियाणा।
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पात्रता की शर्तें

मकान के लिए गरीब परिवार की वार्षिक आय तीन लाख रुपये, निम्न आय वर्ग की छह लाख, मध्यम वर्ग-1 की 12 लाख एवं मध्यम वर्ग-2 की 18 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए। देश में कहीं भी परिवार के सदस्य के नाम पर कोई पक्का न हो और पूर्व में किसी भी सरकारी आवासीय योजना का लाभ न लिया हो।

आवेदकों का नगरपालिकाओं में पंजीकरण होना चाहिए। पहचान पत्र के रूप में आधार कार्ड के अलावा बैंक का चालू खाता, निवास सत्यापन के लिए वोटर कार्ड, टेलीफोन बिल, बिजली बिल, राशन कार्ड होना चाहिए। पारिवारिक आय तथा पात्रता के लिए सादे कागज पर स्वयं का घोषणा पत्र, वर्तमान भूखंड की रजिस्ट्री, किरायानामा या वास्तविक स्थिति के लिए तहसीलदार से अधिकृत एफिडेविट अनिवार्य है।

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Posted By: Sunil Kumar Jha

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