जागरण संवाददाता, पंचकूला : शिक्षा प्ररेक संघ के सदस्यों ने मांगों को लेकर रोष जताया। प्रेरक संघ के सदस्यों ने मांगों को लेकर पैदल मार्च निकाला और हाउसिग बोर्ड चौक पर हरियाणा एवं चंडीगढ़ के बॉर्डर पर धरना दिया। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने कहा कि वह अपनी मांग को मनवाकर ही वापिस जाएंगे, चाहे तो गोली चला दो। मंगलवार को चंडीगढ़ के ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने हरियाणा पुलिस को बॉर्डर पर मोर्चा संभालने के लिए कहा। पंचकूला बॉर्डर की ओर हरियाणा पुलिस बेरिकेड्स के आगे खड़ी थी और चंडीगढ़ पुलिस बेरिकेड्स के पीछे मोर्चा संभाले हुई थी। प्रेरक संघ के सदस्य पिछले कई दिनों से पंचकूला सेक्टर-5 धरना स्थल पर धरना दे रहे हैं। पिछले दो सालों से संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी बात नहीं सुन रही है। कुलदीप सिंह ने बताया कि सरकार ने उन्हें हरियाणा प्रेरक शिक्षा के तहत कार्य पर रखा था। प्रत्येक गांव में एक पुरुष और एक महिला को नियुक्त किया गया था। सरकार ने बिना नोटिस दिए बाहर का रास्ता दिखा दिया है। प्रोढ़ शिक्षा के साथ-साथ प्रेरकों ने स्वच्छ भारत मिशन, जनधन योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना को घर-घर पहुंचने का कार्य किया था। शिक्षामंत्री को भी और सरकार के कोई मत्रियों से मिल चुके हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं हुए है। 2017 में निकाला था नौकरी से

प्ररेक का कहना है कि सरकार चाहे तो विभिन्न पदों पर प्रेरकों को भर्ती करके समाधान कर सकती है। शिक्षा विभाग में बहुत से पद खाली पड़े हैं। शिक्षा प्रेरक हरियाणा संघ के संयोजक विनोद कुमार ने बताया कि वर्ष 2012 में हरियाणा सरकार द्वारा 5100 शिक्षा प्रेरक हरियाणा के विभिन्न जिलों में रखे थे और वर्ष 2017 में सभी शिक्षा प्रेरकों को नौकरी से निकाल दिया गया। हरियाणा सरकार से कई बार अपनी मांग को लेकर बात कर चुके हैं, लेकिन सरकार द्वारा उनकी सुनवाई नहीं की गई। उनकी मांग है कि सरकार द्वारा 5100 शिक्षा प्रेरकों को विभाग में समायोजित किया जाए। इसी मांग को लेकर आज सीएम घेराव के लिए चंडीगढ़ रवाना हुए थे, लेकिन चंडीगढ़ पंचकूला बॉर्डर पर पुलिस ने रोक लिया। एक प्रतिनिधिमंडल को चंडीगढ़ भेजा गया, ताकि उनकी मांग का हल निकाला जा सके।

Posted By: Jagran

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