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पंचकूला निगम में करोड़ों के घोटाले की जांच पहुंची निर्णायक मोड़ पर, आरोपितों से अंबाला जेल में आमने-सामने पूछताछ करेगी ईडी

Published: Mon, 13 Jul 2026 07:00 AM (GMT+05:30)

ईडी पंचकूला नगर निगम के 150 करोड़ रुपये के एफडी घोटाले की जांच में निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। ...और पढ़ें

ईडी की याचिका को विशेष पीएमएलए अदालत ने किया मंजूर।

ईडी की याचिका को विशेष पीएमएलए अदालत ने किया मंजूर।

HighLights

  1. नगर निगम में 150 करोड़ रुपये का एफडी घोटाला।

  2. 9 आरोपितों से 13 से 17 जुलाई तक होगी पूछताछ।

  3. फर्जी दस्तावेजों से गबन के आरोपों की होगी पड़ताल।

अंकेश ठाकुर, पंचकूला। नगर निगम पंचकूला के 150 करोड़ रुपये के एफडीआर घोटाले की जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। सरकारी राशि के कथित गबन की मनी ट्रेल खंगाल रही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की याचिका को विशेष पीएमएलए अदालत ने मंजूर कर लिया है।

अदालत ने बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक समेत नौ आरोपितों से अंबाला केंद्रीय जेल में लगातार पांच दिन तक पूछताछ कर बयान दर्ज करने की अनुमति दे दी है। माना जा रहा है कि इन बयानों के आधार पर ईडी धन के प्रवाह, फर्जी दस्तावेज तैयार करने वालों की भूमिका और लाभार्थियों के नेटवर्क की कड़ियां जोड़ेगी।

सूत्रों के अनुसार, ईडी अब आरोपितों के बयानों के जरिए यह जानने की कोशिश करेगी कि सरकारी धन के गबन की साजिश कैसे रची गई, फर्जी दस्तावेज किस स्तर पर तैयार हुए और धन आखिर किन-किन खातों तक पहुंचा। पूछताछ के बाद मामले में आगामी कार्रवाई और नए खुलासों की संभावना भी बढ़ गई है।

यह मामला 30 मार्च को दर्ज ईसीआईआर का है, जो एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) पंचकूला की 24 मार्च की एफआईआर पर आधारित है। आरोप है कि नगर निगम पंचकूला की कोटक महिंद्रा बैंक सेक्टर-11 शाखा में एफडी के रूप में जमा सरकारी राशि को फर्जी दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी से निकाल लिया गया।

ईडी ने अदालत को बताया कि मामले में मास्टरमाइंड बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक पुष्पिंदर सिंह ने कथित तौर पर विकास कौशिक, दिलीप कुमार राघव और अन्य आरोपितों के साथ मिलकर इस पूरी साजिश को अंजाम दिया।

अन्य आरोपितों को इस कथित धोखाधड़ी से राशि मिली है। पुष्पिंदर सिंह को ईडी पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है और वह न्यायिक हिरासत में है, जबकि बाकी आरोपित एसीबी की तरफ से दर्ज मूल मामले में अंबाला जेल में बंद हैं।

सुबह 9 से शाम 5 बजे तक पूछताछ

अदालत ने अपने आदेश में कहा कि धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की धारा-50 के तहत आरोपितों के बयान दर्ज करना निष्पक्ष और प्रभावी जांच के लिए जरूरी है। अदालत ने ईडी को 13 से 17 जुलाई तक रोजाना सुबह 9 से शाम 5 बजे तक अंबाला केंद्रीय जेल में पूछताछ की अनुमति दी है।

पूरी कार्रवाई सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में होगी और फुटेज सुरक्षित रखी जाएगी। पूछताछ के दौरान आरोपितों के वकील कुछ दूरी पर मौजूद रहेंगे, लेकिन इतनी दूरी पर कि बातचीत सुन न सकें। ईडी अधिकारियों को बयान दर्ज करने के लिए लैपटाप, कंप्यूटर, प्रिंटर और अन्य आवश्यक उपकरण जेल के भीतर ले जाने की भी अनुमति दी गई है।