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तिरुपति इंफ्रा प्रोजेक्ट्स मनी लॉन्ड्रिंग केस में ED का एक्शन, हरियाणा-पंजाब सहित चार राज्यों के 26 ठिकानों पर रेड

Published: Tue, 22 Sep 2026 06:58 PM (IST)

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने तिरुपति इन्फ्रा प्रोजेक्ट्स से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली, चंडीगढ़, हरियाणा और पंजाब के 26 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया।

ईडी ने 26 ठिकानों पर की रेड (फाइल फोटो)

ईडी ने 26 ठिकानों पर की रेड (फाइल फोटो)

HighLights

  1. ईडी ने 26 ठिकानों पर मनी लॉन्ड्रिंग मामले में तलाशी ली

  2. तिरुपति इन्फ्रा प्रोजेक्ट्स से जुड़े 290 करोड़ बैंक धोखाधड़ी की जांच

  3. 100 करोड़ से अधिक के संदिग्ध अनुचित लाभ का दावा

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को मनी लांड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली, चंडीगढ़, हरियाणा और पंजाब में 26 ठिकानों पर तलाशी और सर्वे अभियान चलाया।

यह कार्रवाई तिरुपति इंफ्रा प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े मनी लांड्रिंग मामले में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) 2002 के तहत की गई। हरियाणा में पंचकूला के परिसरों को कार्रवाई के दायरे में रखा गया है।

ईडी अधिकारियों के अनुसार, तलाशी तिरुपति इंफ्रा प्रोजेक्ट्स के प्रमोटर्स, निदेशकों और उनसे जुड़े लोगों के अलावा रेमिगेट बिल्ड एस्टेट्स (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड, एमबी इन्फ्राबिल्ड प्राइवेट लिमिटेड, मेरा बाबा रियलिटी एसोसिएट्स प्राइवेट लिमिटेड और मेरा बाबा इन्फ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े परिसरों में की जा रही है। कार्रवाई के दौरान संदिग्ध वित्तीय लेन-देन और कंपनियों के बीच संबंधों से संबंधित दस्तावेज व अन्य साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

मोहाली-लुधियाना सहित कई जगहों पर छापा

ईडी ने पंजाब के मोहाली और लुधियाना के अलावा जीएमएडीए तथा पंजाब सरकार के हाउसिंग एवं अर्बन डेवलपमेंट विभाग के कार्यालयों में भी पीएमएलए की धारा 16 के तहत सर्वे किया। अधिकारियों के मुताबिक इसका उद्देश्य आरोपित कंपनियों और जीएमएडीए के बीच हुए लेन-देन से संबंधित साक्ष्य जुटाना है।

जांच एजेंसी के अनुसार, तिरुपति इन्फ्राप्रोजेक्ट्स के प्रमोटर्स का रेमिगेट बिल्ड एस्टेट्स और एमबी इन्फ्राबिल्ड पर भी नियंत्रण है। इन कंपनियों ने जीएमएडीए से मोहाली में नीलामी के जरिये दो प्राइम साइट हासिल की थीं। इसके बाद प्राधिकरण को देय राशि के संबंध में कंपनियों को कथित तौर पर बड़ी वित्तीय राहत मिली।

ईडी अधिकारियों का दावा है कि इस मामले में कंपनियों को हुआ संदिग्ध अनुचित लाभ और सरकारी खजाने को हुआ नुकसान 100 करोड़ रुपये से अधिक का हो सकता है। हालांकि, जांच अभी जारी है और एजेंसी की कार्रवाई के अंतिम निष्कर्ष सामने आना बाकी है।

290 करोड़ रुपये के फ्रॉड मामले में आरोपी

तिरुपति इन्फ्राप्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड नई दिल्ली के पश्चिम विहार स्थित रेडिसन ब्लू होटल परियोजना से जुड़े करीब 290 करोड़ रुपये के बैंक फ्रॉड मामले में भी आरोपी हैं। इस मामले में सीबीआइ और ईडी दोनों स्तर पर जांच चल रही है।


ईडी ने कार्रवाई के दौरान टीला कंसल्टेंट्स एंड कांटरेक्टर्स प्राइवेट लिमिटेड के परिसरों को भी शामिल किया है। यह कंपनी जीएमएडीए के विभिन्न कंसल्टेंसी कार्यों से जुड़ी रही है और एजेंसी को संदेह है कि वह कथित मामले में मध्यस्थ की भूमिका निभा रही थी। तलाशी और सर्वे के दौरान सामने आने वाले दस्तावेजों व वित्तीय रिकार्ड के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जाएगा।