Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    पंचकूला के नागरिक अस्पताल में चल रहे नशा मुक्ति केंद्र से दो मरीज फरार, महिला वार्ड में पुरुष अटेंडेंट, मजिस्ट्रेट को मिली खामियां

    By Sohan Lal Edited By: Sohan Lal
    Updated: Tue, 04 Nov 2025 02:12 PM (IST)

    पंचकूला के नागरिक अस्पताल में नशा मुक्ति केंद्र के निरीक्षण में कई खामियां मिलीं। महिला वार्ड में पुरुष अटेंडेंट की मौजूदगी और दो मरीजों के फरार होने ...और पढ़ें

    Hero Image

    सेक्टर-6 स्थित नागरिक अस्पताल में चल रहे नशा मुक्ति केंद्र में पूछताछ करतीं  मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं डीएलएसए की सह सचिव अपर्णा भारद्वाज।

    जागरण संवाददाता पंचकूला। सेक्टर-6 स्थित नागरिक अस्पताल में चल रहे नशा मुक्ति केंद्र में स्वच्छता, रखरखाव और रोगी सुरक्षा से संबंधित कई खामियां हैं, जोकि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) की सह सचिव अपर्णा भारद्वाज ने जांची। दो मरीज फरार और महिला वार्ड में पुरुष अटेंडेंट मिला।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    नशा मुक्ति केंद्र का औचक निरीक्षण पहुंची अपर्णा भारद्वाज महिला वार्ड में एक पुरुष की उपस्थिति मिले, जिसे उन्होंने अत्यंत गंभीर लापरवाही बताया। यह अन्य महिला मरीजों की निजता एवं गरिमा का उल्लंघन था और अस्पताल प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगाता है। इतना ही नहीं रिकॉर्ड की जांच में पता चला कि पिछले माह दो मरीज केंद्र से फरार हुए थे। 

    केंद्र में कुल 24 मरीज भर्ती पाए गए। भारद्वाज ने उनसे बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं। मरीजों ने सफाई व्यवस्था और कर्मचारियों की लापरवाही को लेकर शिकायतें दर्ज कराईं। वहीं, ड्यूटी पर डॉक्टर की उपस्थिति के बारे में नर्स ने बताया कि डाॅक्टर नियमित रूप से ओपीडी में उपस्थित रहते हैं।

    अपर्णा भारद्वाज ने अस्पताल अधिकारियों के ढीले रवैये पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देश दिया कि नशा मुक्ति केंद्र में स्वच्छता, रोगी सुरक्षा एवं पर्यवेक्षण की स्थिति में तत्काल सुधार किया जाए।

    ये खामियां भी मिली

    • भूतल से चौथी मंजिल तक जाने वाली सीढ़ियां बहुत गंदी और अस्वास्थ्यकर
    • केंद्र के अंदर भी साफ-सफाई एवं रखरखाव का अभाव
    • मरीजों के बिस्तरों के पास नुकीली धातु की छड़ें पड़ी थीं, जो सुरक्षा के लिए खतरा थीं।
    • शौचालय अस्वच्छ थे तथा नलों से लगातार पानी रिस रहा था।
    • कमरों में वॉशबेसिन भी गंदे पाए गए, जिनकी लंबे समय से सफाई नहीं की गई थी।

    अस्पताल प्रबंधन को निर्देश

    • पूरे परिसर की तत्काल सफाई कराई जाए।
    • खतरनाक वस्तुओं (जैसे लोहे की छड़ें) को तुरंत हटाया जाए।
    • पुरुष एवं महिला वार्डों का पृथक्करण सख्ती से सुनिश्चित किया जाए।
    • सुधारात्मक कदमों की अनुपालन रिपोर्ट शीघ्र जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, पंचकूला को प्रस्तुत करें।