राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा में अवैध कब्जों से लेकर अवैध खनन, यातायात, फसलों की गिरदावरी सहित विभिन्न योजनाओं के तहत चल रहे कार्यों की निगरानी ड्रोन के जरिये होगी। सभी तरह के सर्वे और इमेजिंग के काम को तेजी से निपटाने के लिए ड्रोन इमेजिंग एंड इन्फारमेशन सर्विस आफ हरियाणा लिमिटेड (दृश्या) का गठन किया गया है।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने चेयरमैन के नाते सोमवार को दृश्या के बोर्ड आफ डायरेक्टर की पहली बैठक ली। मुख्य सचिव विजय वर्धन को बोर्ड आफ डायरेक्टर में सीनियर वाइस चेयरमैन, टीएल सत्यप्रकाश को मुख्य कार्यकारी अधिकारी तथा करनाल के उपायुक्त निशांत यादव को अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी बनाया गया है। बोर्ड में कुल 10 निदेशक बनाए गए हैं। ड्रोन की मदद से हर वर्ष मैनुअल किए जाने वाले सर्वे में आने वाली दिक्कतें खत्म होंगी और सर्वे वैज्ञानिक तरीके के किए जा सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि समय-समय पर किए जाने वाले मैनुअल सर्वे में काफी समय व धन लगता है। इसमें अधिक मानव शक्ति का भी प्रयोग करना पड़ता है। अब ड्रोन के जरिये अवैध कब्जों को भी नियंत्रित किया जा सकेगा। ड्रोन व्यवस्था कई तरह की समस्याओं का निवारण करेगी। राजस्व के अलावा खनन, वन, यातायात, नगर एवं योजना विभाग, कृषि आदि विभागों में ड्रोन का उपयोग किया जा सकेगा। दृश्या का मुख्यालय करनाल में बनाया गया है। यह ड्रोन की खरीद करने के लिए नोडल एजेंसी होगी। इससे मैपिंग, भूमि रिकार्ड, आपदा प्रबंधन एवं आपातकालीन सेवाएं, शहरी क्षेत्र में योजनागत विकास करने में मदद मिलेगी।

25 एजेंडों को मिली मंजूरी

बैठक में कुल 25 एजेंडों को मंजूरी दी गई। ड्रोन पायलट की ट्रेनिंग के लिए इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान एकेडमी के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) साइन करने की अनुमति प्रदान की गई। इस दौरान मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव डीएस ढेसी, मुख्य सचिव विजय वर्धन, अतिरिक्त मुख्य सचिव संजीव कौशल व टीवीएसएन प्रसाद, प्रधान सचिव एके सिंह व अरुण कुमार गुप्ता, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव वी उमाशंकर, एमडी एचएसआइडीसी अनुराग अग्रवाल ने कई अहम सुझाव दिए।

Edited By: Kamlesh Bhatt