जेएनएन, चंडीगढ़। हरियाणा के सरकारी अस्पतालों में फार्मासिस्टोंं की हड़ताल के चलते दवाइयों के लिए जूझ रहे मरीजों और तीमारदारों की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। मांगों को लेकर शुक्रवार को दो घंटे की हड़ताल कर चुके डॉक्टर अब पांच सितंबर को पूरा दिन हड़ताल करेंगे। इसके बाद नौ सितंबर को अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी। 

हड़ताल के पहले दिन जहां सिर्फ OPD (बाह्य रोगी विभाग) का बहिष्कार किया जाएगा, जबकि बाद में पोस्टमार्टम सहित तमाम तरह की सेवाएं बंद कर दी जाएंगी। इस दौरान सिर्फ आपातकालीन विभाग में मरीजों का इलाज होगा। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन ने स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को चिट्ठी लिख हड़ताल के फैसले की जानकारी दे दी है।

एसोसिएशन के प्रधान डॉ. जसबीर परमार ने कहा कि विशेषज्ञ डॉक्टरों को स्पेशल भत्ते और दूसरे राज्यों की तर्ज पर चार, नौ, 13 और 20 साल में एसीपी (एश्योर्ड कॅरियर प्रमोशन) का लाभ देने की मांग पर सरकार चुप्पी साधे हुए है। बीती 24 जुलाई को मुख्यमंत्री मनोहर लाल के साथ हुई बैठक में सरकार ने दोनों मांगों को जायज करार देते हुए इन्हें तुरंत पूरा करने का भरोसा दिलाया था, लेकिन अभी तक फाइल सीएमओ से निकलने का नाम नहीं ले रही।

हड़ताल में करीब 2200 डॉक्टरों के शामिल होने का दावा करते हुए डॉ. जसबीर परमार ने कहा कि डॉक्टरों की अनदेखी के चलते ही प्रदेश में स्वीकृत 3250 पदों में से 650 से अधिक पद भरे नहीं जा रहे। उन्होंने कहा कि वीरवार को हड़ताल करने के बाद सरकार को मांगों पर कोई ठोस कदम उठाने के लिए तीन दिन दिए जाएंगे। फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई तो नौ सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी।

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Posted By: Kamlesh Bhatt

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