सिरसा डेरे के 400 अनुयायियों को नपुंसक बनाने के मामले में कल अहम सुनवाई, PGI के डाॅक्टरों की होगी गवाही
पंचकूला की सीबीआई अदालत में डेरा सच्चा सौदा के 400 अनुयायियों को जबरन नपुंसक बनाने के मामले में शुक्रवार को ...और पढ़ें

सिरसा डेरा प्रमुख से जुड़ा है मामला।
HighLights
सीबीआई कोर्ट में मामले की सुनवाई।
डेरा प्रमुख सहित डॉक्टरों पर आरोप।
पीजीआई के दो डॉक्टरों की अहम गवाही होगी।
जागरण संवाददाता, पंचकूला। सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा के 400 अनुयायियों के जबरन नपुंसक बनाने के मामले में पंचकूला स्थित सीबीआई की विशेष मजिस्ट्रेट अदालत में शुक्रवार को सुनवाई होगी। पीजीआई के दो डॉक्टरों की गवाही होगी।
मामले में डेरा प्रमुख के अलावा डाॅ. पंकज गर्ग और डाॅ. एमपी सिंह आरोपित हैं। पिछली सुनवाई 17 अक्टूबर को हुई थी। उस दौरान अदालत ने पीजीआई के डाॅ. हरनीत संधू और डाॅ. निधि को गवाही के लिए नए समन जारी करने के निर्देश दिए थे।
सीबीआई ने अदालत को बताया था कि दोनों डाॅक्टर वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बयान दर्ज कराने के लिए तैयार हैं। पहले जारी समन की तामील भी हो चुकी थी।
पिछली सुनवाई पर गवाह ओम प्रकाश बरेटा के घर पर ताला मिलने के कारण समन वापस लौट आया था। वहीं, पीजीआई की पूर्व सीनियर रेजिडेंट डाॅ. प्रियंका के संस्थान छोड़ने और डाॅ. सोनल जोशी के संबंधित स्थान पर कार्यरत नहीं होने की रिपोर्ट भी अदालत में पेश की गई थी।
इस पर अदालत ने जांच अधिकारी को कम से कम दो अन्य गवाहों के पते जुटाकर उन्हें नोटिस जारी करने और समन की तामील की स्थिति पर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे।
हाईकोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई थी एफआईआर
यह मामला डेरा के पूर्व अनुयायी हंसराज चौहान की याचिका से जुड़ा है। उन्होंने वर्ष 2012 में पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि उनके समेत करीब 400 पुरुष अनुयायियों को जबरन नपुंसक बनाया गया।
हाईकोर्ट ने 23 दिसंबर 2014 को मामले की सीबीआई जांच के आदेश दिए थे। इसके बाद 7 जनवरी 2015 को सीबीआई की स्पेशल क्राइम यूनिट-2, नई दिल्ली ने भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी (आपराधिक साजिश), 326 (गंभीर चोट पहुंचाना), 417 (धोखाधड़ी) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत एफआइआर दर्ज की थी।
