जेएनएन, चंडीगढ़। शिक्षक भर्ती घोटाले में 10 साल की सजा काट रहे पूर्व सीएम ओमप्रकाश चौटाला की पैरोल दो सप्ताह के लिए और बढ़ा दी गई है। दिल्ली उच्च न्यायालय ने इसकी मंजूरी दी है। चौटाला ने पैरोल बढ़ाने के लिए अर्जी दी थी।

बता दें, चौटाला की पत्नी स्नेहलता का निधन के बाद पैरोल पर आए थे। इसके बाद एक बार फिर उन्होंने पैरोल अवधि बढ़ाने की मांग थी। 27 अगस्त को उनकी पैरोल अवधि चार हफ्ते के लिए बढ़ाई गई थी। अब एक बार फिर चौटाला की पैरोल दो सप्ताह (8 अक्टूबर तक) के लिए बढ़ गई है। 

10 साल की जेल की सजा काट रहे हैं चौटाला

हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला जेबीटी शिक्षक भर्ती घोटाले में दोषी करार दिए गए थे और वह तिहाड़ में सजा काट रहे हैं। ओम प्रकाश चौटाला और उनके बड़े पुत्र अजय सिंह चौटाला को 16 जनवरी 2013 को दस वर्ष की सजा सुनाई गई थी।

क्या है जेबीटी शिक्षक भर्ती घोटाला?

जेबीटी शिक्षक भर्ती घोटाले को उजागर करने में अहम भूमिका तत्कालीन प्राथमिक शिक्षा निदेशक संजीव कुमार ने निभाई थी। संजीव कुमार ने ही इस मामले में उच्चतम न्यायालय में एक अर्जी दायर की थी। उच्चतम न्यायालय के आदेश पर सीबीआइ ने प्रारंभिक जांच वर्ष 2003 में शुरू की। जांच में शिक्षकों की नियुक्ति में बरती गई अनियमितताओं का मामला सामने आने के बाद सीबीआइ ने जनवरी 2004 में राज्य के तत्कालीन मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला, उनके पुत्र अजय सिंह चौटाला, मुख्यमंत्री के तत्कालीन विशेष कार्य अधिकारी आइएएस विद्याधर, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार रहे शेर सिंह बड़शामी, राज्य के प्राथमिक शिक्षा निदेशक संजीव कुमार सहित कुल 62 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।

सबसे ताज्जुब की बात यह रही कि मामले को उजागर करने में अहम भूमिका निभाने वाले संजीव कुमार को भी सीबीआइ ने इस मामले में आरोपी बनाते हुए उनके खिलाफ भी मामला दर्ज किया। सीबीआइ के अनुसार संजीव कुमार भी इस घोटाले में बराबर शामिल रहे थे। सीबीआइ के अनुसार उनका अन्य लोगों से विवाद होने पर ही उन्होंने घोटाले के खिलाफ आवाज उठाई।

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Posted By: Kamlesh Bhatt

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