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संवाद सहयोगी, मोरनी (पंचकूला) : क्षेत्र में शनिवार रात से हो रही तेज बारिश ने राहगीरों के लिए समस्या पैदा कर दी है। मोरनी से नीमवाला सड़क सुबह ही पहाड़ से गिरे पत्थरों व मलबे से पूरी तरह बंद हो गई। जिसे क्षेत्र के ग्रामीणों व वाहन चालकों को 15 दिन में दूसरी बार एक ही जगह इस समस्या का सामना करना पड़ा। यह रोड शनिवार को पूरा दिन बंद रही। सुबह 7 बजे विभाग ने 3 जेसीबी लगाई लेकिन शाम 5 बजे तक भी सड़क नहीं खुल पाई। जेसीबी से जितना मलबा उठाया गया उससे कहीं अधिक मलबा सड़क पर आ जाता था। 6 अगस्त को भी यह रोड मंडी मोड़ पर भारी पत्थरो व मलबा गिरने से बंद हो गई थी। जिसको विभाग ने सुचारू तो कर दिया था मगर शनिवार को पहाड़ से फिर मलबा गिरा।

दरक रहे हैं पहाड़

शुक्रवार से रुक-रुककर हो रही भारी बारिश से मिट्टी में नमी बढ़ गई है। जिससे पहाड़ दरक रहे हैं और मलबा सड़कों पर आ रहा है। शुक्रवार को भी सुबह से ही सड़कें बंद होने की सूचना आने लगी थी। ठंडोग रोड पर पहाड़ी से गिरे पेड़ व मलबे के साथ आए पत्थरों ने सड़क को कुछ देर के लिए पूरी तरह बंद कर दिया था। ग्रामीणों व वाहन चालकों ने स्वयं कोशिश कर पेड़ काटे व दोपहिया वाहनों के लिए रास्ता बनाया। बाद में जेसीबी ने वाहनों के लिए रास्ता खोल दिया था। इसी तरह मोरनी के नालाघाट के पास भी मलबे के साथ पेड़ गिरकर सड़क बंद हो गई। जिससे वाहन न निकलते देख राहगीर पैदल निकलते रहे। सरकारी बसें भी काफी समय सड़क पर मलबे उठने का इंतजार करती रही। राहगीर बोले : उपाय करे सरकार

राहगीर कुलदीप राणा, विक्की, अमित कुमार, मनोज व सुरेश राणा ने बताया कि बारिश में हर वर्ष इस प्रकार सड़कें बंद हो जाती हैं। इसका लोक निर्माण विभाग को कोई स्थायी हल जैसे बचाव दीवार व वैकल्पिक रास्ते आदि का निर्माण करना चाहिए ताकि लोगों को घटों इंतजार न करना पड़े। गांव के रास्ते निकाले वाहन

मोरनी-नीमवाला रोड बंद होने से अधिकतर वाहन शेरला गांव के बीच से निकाले गए। लेकिन इस रास्ते से केवल छोटे वाहन ही निकल सकते हैं जिससे बड़े वाहन मोरनी व नीमवाला की तरफ नहीं जा पाए। विभाग के अनुसार सड़क खोलने के लिए जेसीबी लगी हुई हैं। जब तक सड़क नहीं खुलती, जेसीबी कार्य कार्य करती रहेंगी।

Posted By: Jagran

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