जेएनएन, चंडीगढ़। एक लावारिस पशु के साथ हुई सड़क दुर्घटना में मृतक के परिजनों को 5 लाख रुपये मुआवजे के पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने आदेश दिए हैंं। हाई कोर्ट ने इस मामले में मृतक की पत्नी द्वारा दायर याचिका का निपटारा करते हुए हरियाणा सरकार को मुआवजे की यह राशि 9 प्रतिशत ब्याज के साथ जारी करने के आदेश दिए हैं ।

मृतक की विधवा ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर बताया कि नवंबर 2012 में उसका पति मोटरसाइकिल पर जा रहा था तो तभी अचानक कई लावारिस पशु उसके सामने आ गए और उसे बड़ी जोर से टक्कर मारी। हादसे में वह बड़ी बुरी तरह से घायल हो गया था। बाद में अस्पताल में उसकी मृत्यु हो गई थी। हरियाणा सरकार ने वर्ष 1998 में एक नीति बनाई थी, जिसके तहत किसी भी जानवर के साथ हुई दुर्घटना या उसके हमले में अगर किसी की मृत्यु ही जाती है तो उसे 30 हजार रुपये मुआवजे का प्रावधान बनाया गया था। इसी नीति के तहत मृतक की विधवा को सरकार ने 30 हजार रुपये जारी कर दिए थे।

अब मृतक की विधवा ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर कहा है की सरकार ने अपनी वर्ष 1998 की नीति में संशोधन कर अब मुआवजा राशि में बढ़ोतरी करते हुए यह राशि 2 लाख रुपये कर दी है,  लेकिन याचिकाकर्ता का कहना है की उसका पति अभी महज 39 वर्ष का ही था और उसके नाबालिग बच्चे भी हैं लिहाजा उसने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर 10 लाख रुपये मुआवजा दिए जाने की मांग की थी।

हाई कोर्ट ने याचिका का निपटारा करते हुए कहा कि अभी मृतक बेहद ही कम आयु का था और उस पर अपने परिवार के भरण-पोषण की जिम्मेदारी थी। लिहाजा, उसकी आय और आयु के अनुपात के अनुसार हाई कोर्ट ने हरियाणा सरकार को मृतक की विधवा और उसके आश्रित बच्चों को 5 लाख रुपये मुआवजा देने के आदेश दिए हैं और वह भी 9 प्रतिशत ब्याज के साथ, लेकिन जो पहले 30 हजार रुपये जारी किए जा चुके हैं वह राशि इस मुआवजे की राशि के घटाकर दी जाएगी।

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Posted By: Kamlesh Bhatt

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