SIR समेत चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप, CEC के इस्तीफे की मांग; पंचकूला में कांग्रेस का हल्ला बोल
कांग्रेस ने पंचकूला में चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी और वोट चोरी के आरोपों को लेकर केंद्र व चुनाव आयोग के ...और पढ़ें

पंचकूला में कांग्रेस का प्रदर्शन। पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह और कालका के पूर्व विधायक प्रदीप चौधरी हुए शामिल।
HighLights
मतदाता सूची में हेरफेर और वोट चोरी के गंभीर आरोप लगाए।
पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह और पूर्व विधायक प्रदीप चौधरी रहे मौजूद।
आंदोलन को पूरे हरियाणा में और तेज किए जाने की चेतावनी दी।
जागरण संवाददाता, पंचकूला। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) समेत चुनाव प्रक्रिया में त्रुटियों और वोट चोरी के आरोपों को लेकर कांग्रेस का केंद्र और चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध तेज हो गया है। मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर सोमवार को पंचकूला में कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन किया।
बारिश के बावजूद कांग्रेस कार्यकर्ता जिला सचिवालय के बाहर डटे रहे। हाथों में तख्तियां और बैनर लिए कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग और भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन की अगुवाई पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह और कालका के पूर्व विधायक प्रदीप चौधरी ने की। इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कांग्रेस के नेताओं ने आरोप लगाया कि एसआईआर के नाम पर मतदाता सूची में हेरफेर किया जा रहा है। पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह ने कहा कि चुनाव आयोग भाजपा के इशारे पर काम कर रहा है। एसआईआर जैसी प्रक्रिया के जरिए विपक्ष के वोट काटे जा रहे हैं और फर्जी वोट जोड़े जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सीईसी ज्ञानेश कुमार को तुरंत पद से इस्तीफा देना चाहिए। पूर्व विधायक प्रदीप चौधरी ने कहा कि वोट चोरी कर लोकतंत्र को खत्म करने की साजिश हो रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह चुनाव और वोट की पूरी प्रणाली को तहस-नहस कर रहे हैं। अगर मतदाता सूची ही सही नहीं होगी तो निष्पक्ष चुनाव कैसे होगा।
कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर चुनाव आयोग ने निष्पक्षता नहीं दिखाई तो यह आंदोलन पूरे हरियाणा में और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस वोट की चोरी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी।करीब एक घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद कांग्रेस ने जिला उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा और सीईसी को बर्खास्त करने की मांग की।
