राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। अखिल भारतीय स्तर पर कांग्रेस की रैलियों में अक्सर भीड़ जुटाने वाले पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा एक बार फिर पार्टी हाईकमान की मुश्किल आसान बनाने को तैयार हैं। कांग्रेस ने महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दे पर 28 अगस्त को दिल्ली के रामलीला मैदान में हल्ला बोल रैली की घोषणा की है। वैसे तो इस रैली में पूरे देश से कांग्रेस कार्यकर्ताओं को बुलाया गया है, लेकिन दिल्ली के समीपवर्ती राज्यों पर रैली में भीड़ जुटाने का पूरा दारोमदार होगा।

कांग्रेस की दिल्ली में आज तक जितनी भी रैलियां होती रही हैं, उनमें तत्कालीन प्रदेश अध्यक्षों के साथ-साथ पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने जबरदस्त भीड़ जुटाने का काम किया है। सोनिया गांधी और राहुल गांधी की रैलियों में सबसे अधिक भीड़ हरियाणा से ही जुटी है।

भूपेंद्र सिंह हुड्डा प्रदेश के 10 साल तक मुख्यमंत्री रहे। पिछले आठ साल से कांग्रेस सत्ता से बाहर है। इन 18 सालों में हुड्डा की पहचान कांग्रेस हाईकमान में किसान नेता के साथ-साथ रैलियों में भीड़ जुटाने वाले सर्वमान्य नेता के रूप में हुई है, इसलिए 18 अगस्त को पार्टी के विधायक दल के नेताओं और प्रदेश अध्यक्षों की बैठक से पहले ही हुड्डा कमर कसकर तैयार हैं।

कांग्रेस विधायक दल के नेता के नाते भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने बुधवार यानी 17 अगस्त को चंडीगढ़ स्थित अपने निवास पर विधायकों की बैठक बुलाई है। इस बैठक में सभी विधायकों को दिल्ली रैली में भीड़ लाने का टारगेट दिया जाएगा। प्रदेश में 30 कांग्रेस विधायक हैं। प्रदेश अध्यक्ष चौधरी उदयभान भी हुड्डा गुट के हैं। कुलदीप बिश्नोई भाजपा में चले गए, जबकि किरण चौधरी के इस बैठक में शामिल होने की संभावना नहीं है।

किरण खुद के बूते अपने समर्थक कार्यकर्ताओं को दिल्ली रैली में लेकर पहुंचने वाली है। राज्यसभा सदस्य रणदीप सिंह सुरजेवाला पार्टी की राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय हैं। ऐसे में कांग्रेस की दिल्ली में हो रही हल्ला बोल रैली में भीड़ जुटाने का पूरा दारोमदार हुड्डा गुट पर आन टिका है।

कांग्रेस विधायक दल की बैठक में विधायकों को भीड़ जुटाने की जिम्मेदारी सौंपने के बाद हुड्डा और उदयभान पूरी लिस्ट लेकर दिल्ली पहुंचेंगे, ताकि वहां पार्टी नेतृत्व को बता सकें कि हरियाणा से कितने लोग 28 अगस्त की रैली में शामिल होने जा रहे हैं। यूं तो पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा और कैप्टन अजय सिंह यादव भी हरियाणा से हैं, लेकिन राज्य में हुड्डा को फ्रीहेंड मिलने की वजह से इन नेताओं द्वारा दिल्ली रैली के लिए पार्टी हाईकमान की अपेक्षाओं के अनुरूप मेहनत की जाएगी, इसकी संभावना काफी कम है।

कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य दीपेंद्र सिंह हुड्डा व पूर्व मंत्री प्रो. संपत सिंह कोरोना संक्रमित हो गए हैं। इसी वजह से दीपेंद्र ध्वजारोहण कार्यक्रमों में हिस्सेदारी नहीं कर पाए थे, लेकिन जब कांग्रेस की रैली में भीड़ जुटाने की बात आएगी तो वह चैन से बैठने वाले नहीं हैं। उन्होंने उपचार की अवधि में ही दिल्ली रैली में भीड़ जुटाने को प्रयास आरंभ कर दिए हैं।

यमुनानगर का विपक्ष आपके समक्ष कार्यक्रम स्थगित

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के 28 अगस्त को यमुनानगर में होने वाले कार्यक्रम को अब स्थगित कर दिया गया है। इस दिन चूंकि नई दिल्ली में कांग्रेस की अखिल भारतीय स्तर की हल्ला बोल रैली है, इसलिए यमुनानगर का विपक्ष आपके समक्ष कार्यक्रम फिलहाल नहीं होगा।

इसकी अगली तारीख की घोषणा बुधवार को होने वाली कांग्रेस विधायक दल की बैठक में की जा सकती है। भूपेंद्र सिंह हुड्डा भाजपा-जजपा गठबंधन की सरकार के विरुद्ध पिछले काफी समय से विपक्ष आपके समक्ष कार्यक्रम का आयोजन कर रहे हैं।

Edited By: Kamlesh Bhatt