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जेएनएन, चंडीगढ़। हरियाणा के शहरों में रिहायशी मकानों का व्यावसायिक कार्यों में इस्तेमाल कर रहे लोगों को सरकार ने बड़ी राहत दी है। सेक्टरों और कालोनियों में रिहायशी भवनों को व्यावसायिक भवन में बदलने के लिए शुल्क की दरों में 50 फीसद से अधिक कमी की गई है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में नियमों में बदलाव को मंजूरी दे दी गई।

गुरुग्राम और फरीदाबाद नगर निगम क्षेत्र में अवैध रूप से रिहायशी भवनों का व्यावसायिक इस्तेमाल कर रहे लोगों के लिए शुल्क को 15 हजार 325 रुपये प्रति वर्ग मीटर से घटाकर 7662 रुपये किया गया है। नए रूपांतरण के लिए यह शुल्क 14 हजार रुपये से घटाकर सात हजार रुपये वर्ग मीटर किया गया है।

पंचकूला, यमुनानगर, करनाल, पानीपत, अंबाला, हिसार, सोनीपत और रोहतक में मौजूदा भवनों के नियमितीकरण के लिए रूपांतरण शुल्क को 12 हजार 180 रुपये वर्ग मीटर से घटाकर 6090 किया गया है। नए रूपांतरण के लिए यह फीस 11 हजार रुपये से घटाकर 5500 रुपये वर्ग मीटर की गई है।

नगर परिषद क्षेत्रों में मौजूदा भवन के नियमितीकरण के लिए फीस को 10 हजार 608 रुपये से घटाकर 5304 रुपये और नयों के लिए नौ हजार रुपये से घटाकर 4500 रुपये प्रतिवर्ग मीटर किया गया है। नगर समितियों के क्षेत्रों में मौजूदा भवन के नियमितीकरण के लिए फीस को 9316 रुपये से घटाकर 4658 रुपये और नयों के लिए आठ हजार से घटाकर चार हजार रुपये किया गया है। इसके अलावा आवेदन की समय सीमा तीन महीने बढ़ाई गई है ताकि अधिक से अधिक लोग योजना का फायदा उठा सकें।

फैजाबाद में एमआइटी से बदलेगी शामलाती जमीन

झज्जर की ग्राम पंचायत फैजाबाद (पाहसौर) की 5 कनाल 5.10 मरला शामलात जमीन का तबादला मॉडल इकॉनोमिक टाउनशिप लिमिटेड की 5 कनाल 6.22 मरला भूमि से किया जाएगा। मंत्रिमंडल ने विकास एवं पंचायत विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके अलावा फिरोजपुर झिरका में मॉडल डिग्री कॉलेज के लिए शिक्षा विभाग को नगर समिति  की दस एकड़ भूमि दी जाएगी।

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Posted By: Kamlesh Bhatt

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