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गुजरात से 50,000 करोड़ का बंपर निवेश लेकर लौटे CM नायब सैनी, युवाओं को मिलेंगे रोजगार के बड़े अवसर

Published: Wed, 28 Oct 2026 10:51 PM (IST)

मुख्यमंत्री नायब सैनी के गुजरात दौरे से हरियाणा को 50 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए ...और पढ़ें

गुजरात से 50 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव लेकर लौटे नायब।

गुजरात से 50 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव लेकर लौटे नायब।

HighLights

  1. मुख्यमंत्री नायब सैनी का सफल गुजरात दौरा।

  2. हरियाणा को मिले 50 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव।

  3. नए उद्योग, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर।

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के दो दिवसीय गुजरात दौरे से राज्य को 50 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। गांधीनगर में उद्योगपतियों और निवेशकों के साथ हुई बैठकों तथा निवेशक सम्मेलन के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए।

नायब सरकार को उम्मीद है कि इन प्रस्तावों से प्रदेश में नए उद्योग स्थापित होंगे, मौजूदा औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार होगा और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। इन निवेश प्रस्तावों को वास्तविक परियोजनाओं में बदलने का दायित्व अब अधिकारियों पर है।

मुख्यमंत्री के साथ उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह भी गुजरात दौरे पर मौजूद रहे। उन्होंने गुजरात के उद्यमियों को हरियाणा में निवेश और कारोबार विस्तार के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा केवल निवेश का गंतव्य नहीं, बल्कि उद्योगों के विकास में विश्वसनीय साझेदार बनना चाहता है। निवेश प्रस्तावों से संबंधित परियोजनाओं का क्रियान्वयन होने पर विनिर्माण, तकनीकी सेवाओं, परिवहन और सहायक उद्योगों में भी गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।

गुजरात दौरे के दौरान सामने आए प्रमुख निवेश प्रस्ताव

रक्षा, रियल एस्टेट और तेल एवं गैस: लगभग 25 हजार करोड़ रुपये।
सेमीकंडक्टर: करीब 2,900 करोड़ रुपये।
कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण: लगभग 1,400 करोड़ रुपये।
अन्य क्षेत्र: संपीड़ित जैव गैस और नागरिक विमानन में निवेश के लिए समझौते किए गए।
पहले दिन के प्रस्ताव: करीब 12 हजार करोड़ रुपये के समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर हुए थे।

गुरुग्राम से औद्योगिक क्षेत्रों तक निवेशकों को आकर्षित करने की रणनीति

मुख्यमंत्री ने हरियाणा की भौगोलिक स्थिति, दिल्ली-एनसीआर से निकटता, मजबूत सड़क संपर्क और औद्योगिक ढांचे को निवेश के लिए प्रमुख ताकत बताया। उन्होंने कुंडली-मानेसर-पलवल और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे जैसे संपर्क मार्गों का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य विनिर्माण, भंडारण, परिवहन और तकनीकी सेवाओं के लिए बेहतर अवसर प्रदान करता है।

उद्योग विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित अग्रवाल के अनुसार, हरियाणा में 56 औद्योगिक क्षेत्र हैं और 143 खंडों में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों के समूह विकसित करने की पहल की जा रही है। गुरुग्राम में वैश्विक कंपनियों और तकनीकी सेवा केंद्रों की मौजूदगी भी निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण है।

उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि नई औद्योगिक नीति में निवेशकों को प्रोत्साहन और अनुदान देने का प्रविधान है। मुख्यमंत्री ने निवेश प्रक्रियाओं को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने का भरोसा देते हुए गुजरात के उद्योगपतियों को अप्रैल 2027 में प्रस्तावित हैपनिंग हरियाणा वैश्विक सम्मेलन में शामिल होने का निमंत्रण दिया।