अनुराग अग्रवाल, चंडीगढ़। पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला तीसरे मोर्चे के गठन के लिए शिद्दत से जिद्दोजहद कर रहे हैं। उनके बेटे अभय सिंह चौटाला योगगुरु स्वामी रामदेव के हरिद्वार स्थित आश्रम में हैं, जहां वे अपने शरीर का इंजन आयल चेंज करवा रहे हैं। दादा स्व. देवीलाल की 25 सितंबर को जयंती जो है, इसलिए शरीर का चुस्त दुरुस्त होना जरूरी है। बड़े चौटाला अपने पुराने साथियों को इस मंच पर जोड़कर तीसरे मोर्चे के गठन का एलान करने का इरादा रखते हैं तो छोटे चौटाला नई स्फूर्ति और ऊर्जा के साथ पुराने साथियों को एकजुट करने की तैयारी में हैं। बड़े चौटाला हाल ही में जब उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव से मिले तो दोनों ने बड़े चाव से जलेबियां, हरी चटनी और समोसा खाया। इंटरनेट मीडिया पर लोगों ने टिप्पणी की, चौटाला साहब, कृपा यहीं रुकी थी। अब समझो तीसरे मोर्चे वाला मोर्चा आपने फतह कर लिया है।

सांसद का दुष्यंत से वत्स सा स्नेह

डीपी वत्स, यानी देवेंद्र पाल वत्स। भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सदस्य। वत्स का एक अर्थ पुत्र अथवा प्रिय भी होता है। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री दुष्यंत से वत्स वत्सवत स्नेह करते हैं। यह कारण था या कि जुबान फिसल गई, लेकिन सांसद महोदय ने हिसार के अग्रोहा मेडिकल कालेज में हुए समारोह में उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला को मुख्यमंत्री कहकर संबोधित कर दिया। वत्स सार्वजनिक मंच से यह बताने में भी नहीं चूके कि राजनीति में आगे बढऩे के कई गुरुमंत्र दुष्यंत को उन्होंने ही दिए हैं और दुष्यंत ने उन मंत्रों को आत्मसात भी किया। बोले- तब बहुत खुशी हुई, जब दुष्यंत ने एक दिन आकर बताया कि अंकल, मैं काफी कुछ सीख गया हूं। वत्स का दुष्यंत प्रेम यहीं नहीं रुका। कहा, अफसर तो काम नहीं करते, लेकिन दुष्यंत को काम बोलने का मतलब कि हो गया। मैं स्वयं अपने सारे काम दुष्यंत को ही बोलता हूं।

भरोसा सबसे बड़ी चीज है

टोक्यो में अपनी प्रतिद्वंद्वी टीम के छक्के छुड़ा देने वाली भारतीय महिला हाकी टीम की आठ सदस्य जब गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज से मिलने पहुंची तो पूरे सचिवालय में चर्चा हो गई। कप्तान रानी रामपाल के नेतृत्व में हरियाणा की इन आठों खिलाडिय़ों को विज के पास जननायक जनता पार्टी के शाहाबाद से विधायक रामकरण काला लेकर पहुंचे। विज जबकि खेल मंत्री भी नहीं हैं, लेकिन शायद काला और इन आठों लड़कियों को विज के दरबार से ही कुछ खास मिलने की उम्मीद होगी। तभी तो विज के पास पहुंची इन आठों खिलाडिय़ों ने अनुरोध कर डाला कि भले ही वह मेडल नहीं जीत पाईं, लेकिन सरकार की ओर से उन्हेंं आधी कीमत पर एचएसवीपी के प्लाट दिए जाने चाहिए। विज जितने कठोर हैं, उतने ही दरियादिल भी हैं। आठों को मिठाई खिलाई। भरोसा दिया कि आप लोग खुशी-खुशी जाओ। मैं मुख्यमंत्री जी के सामने आपकी पैरवी करूंगा।

सारे शिलापटों पर चौटाला वाला भारी

हरियाणा में किसान संगठनों के आंदोलन के कारण हालांकि काफी दिनों से विकास परियोजनाओं पर शिलापट लगाने का काम बंद ही चल रहा है, लेकिन मंत्री, सांसद और विधायकों के समर्थक अपने नाम के शिलापट बनवाकर रखने में कोई चूक नहीं कर रहे। आंदोलन के बाद काम आएगा। इस क्रम में जब माननीयों के समर्थक शिलापट पर नाम लिखने वाले व्यक्ति के पास जाते हैं तो तरह-तरह के डिजाइन मिलते हैं। समर्थकों को उनमें से कुछ पसंद आते हैं कुछ नहीं आते। जब किसी पर मन नहीं आता तो समर्थक कहते हैं कि कोई बढ़यिा डिजाइन दिखाओ। वाकया जीटी रोड के एक शहर का है। काफी देर बाद भी जब एक नेताजी को पत्थर का डिजाइन पसंद नहीं आया तो पत्थर वाला पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला के नाम का 2003 का एक पत्थर निकालकर लाया। फिर क्या था, उसकी बनावट, डिजाइन और सुंदर लिखावट ने नेताजी का मन मोह लिया।

 

Edited By: Kamlesh Bhatt