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चंडीगढ़ नगर निगम का बड़ा फैसला, चंडीगढ़ नगर निगम में अतिक्रमण हटाओ विंग को मिलेंगे नए सब इंस्पेक्टर

Published: Sun, 04 Oct 2026 11:01 AM (IST)

चंडीगढ़ नगर निगम अतिक्रमण हटाओ विंग में सब-इंस्पेक्टरों की कमी को पूरा करने के लिए अपने ही कर्मचारियों को अतिरिक्त प्रभार देगा। यह अस्थायी व्यवस्था होगी।

लेवल-5 और 6 के कर्मचारी ले सकेंगे अतिरिक्त प्रभार।

लेवल-5 और 6 के कर्मचारी ले सकेंगे अतिरिक्त प्रभार।

HighLights

  1. कर्मचारियों को अतिक्रमण हटाओ विंग में सब-इंस्पेक्टर का प्रभार

  2. यह व्यवस्था अस्थायी होगी, कोई अतिरिक्त वेतन नहीं मिलेगा

  3. नियमित नियुक्ति या पदोन्नति का कोई अधिकार नहीं होगा

जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। नगर निगम चंडीगढ़ के प्रवर्तन विंग में सब इंस्पेक्टरों की कमी को देखते हुए अब निगम अपने ही कर्मचारियों को सब इंस्पेक्टर (प्रवर्तन) का अतिरिक्त प्रभार देने की तैयारी कर रहा है।

इसके लिए स्थापना शाखा ने सभी शाखाओं और विंग प्रमुखों को पत्र जारी कर इच्छुक कर्मचारियों से सहमति मांगी है। इच्छुक कर्मचारियों की सहमति, कार्य एवं आचरण तथा सत्यनिष्ठा संबंधी रिपोर्ट 14 अक्टूबर तक स्थापना शाखा में भेजनी होगी।

निगम की ओर से जारी पत्र के अनुसार यह प्रभार सातवें वेतन आयोग के तहत लेवल-5 और लेवल-6 में वेतन प्राप्त कर रहे कर्मचारियों को दिया जाएगा। इनमें 2800 और 4200 रुपये ग्रेड पे वाले कर्मचारी शामिल हैं। कर्मचारी अपने मौजूदा वेतनमान में ही सब इंस्पेक्टर (प्रवर्तन) का कार्य करेंगे। इसके लिए उन्हें किसी प्रकार का अतिरिक्त पारिश्रमिक नहीं दिया जाएगा।

कभी भी खत्म की जा सकेगी व्यवस्था

निगम ने स्पष्ट किया है कि यह पूरी तरह अस्थायी व्यवस्था होगी और इसे बिना किसी नोटिस के कभी भी समाप्त किया जा सकता है। अतिरिक्त प्रभार मिलने से कर्मचारी को सब इंस्पेक्टर (प्रवर्तन) के पद पर नियमित नियुक्ति या पदोन्नति का कोई अधिकार नहीं मिलेगा। साथ ही इस व्यवस्था से मौजूदा सब इंस्पेक्टरों की आपसी वरिष्ठता पर भी कोई असर नहीं पड़ेगा।

इसके अलावा अतिरिक्त प्रभार संभालने वाले कर्मचारी को एसीपी, उच्च वेतनमान या किसी अन्य वित्तीय लाभ का अधिकार नहीं मिलेगा। प्रभार संभालने के समय कर्मचारी को बाकायदा शपथ-पत्र (अंडरटेकिंग) देना होगा। इसमें उसे यह स्वीकार करना होगा कि वह इस अवधि के लिए किसी वित्तीय लाभ का दावा नहीं करेगा और न ही इस अवधि को भविष्य की पदोन्नति में शामिल करवाने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाएगा।

अधिकारियों की सिफारिश जरूरी

निगम ने सभी शाखाओं और विंग प्रमुखों को निर्देश दिए हैं कि इच्छुक कर्मचारियों की सहमति के साथ उनके कार्य एवं आचरण तथा सत्यनिष्ठा संबंधी रिपोर्ट भी भेजी जाए। आवेदन पर संबंधित शाखा या विंग प्रमुख की सिफारिश अनिवार्य होगी। इसके लिए संयुक्त आयुक्त (जेएमसी-1/2/3) अथवा मुख्य अभियंता की सिफारिश मांगी गई है।

स्थापना शाखा ने सभी प्रस्ताव 14 अक्टूबर 2026 तक भेजने को कहा है। पत्र की प्रति नगर निगम आयुक्त के निजी सचिव को भी भेजी गई है। वहीं कंप्यूटर प्रोग्रामर को निगम की आधिकारिक वेबसाइट पर आदेश अपलोड करने और केयरटेकर को नोटिस बोर्ड पर इसे प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए हैं।

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