जेएनएन, चंडीगढ़। भद्रा और चंद्रग्रहण के बीच भाई बहन के प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन का पर्व आज है। बहनें रक्षासूत्र बांधने के लिए शुभ मुहूर्त के इंतजार खत्म हो गया है। जैसे ही शुभ मुहूर्त शुरू हुआ बहनों ने अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा। पंडितों के मुताबिक सुबह 11.07 बजे से दोपहर 1 बजे के बीच ही रक्षासूत्र बांधना श्रेष्ठ है। चंद्रग्रहण रात 10.52 बजे से 12.48 तक रहेगा। कई सालों के बाद ऐसा संयोग बन रहा है कि सावन पूर्णिमा के दिन चंद्रग्रहण लग रहा है।

वहीं, श्रावण माह की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा पर लगने वाले चंद्र ग्रहण के कारण आज शाम पांच बजे मंदिरों के कपाट बंद हो जाएंगे। अगले दिन मंगलवार सुबह पांच बजे शुभ मुहुर्त में ही मंदिरों के कपाट खुलेंगे। चंद्रग्रहण के कारण मंदिरों में सायंकालीन आरती भी नहीं की जाएगी। शास्त्रों के अनुसार चंद्र ग्रहण के सूतक का भगवान पर असर पड़ता है, इसलिए चंद्र ग्रहण से पहले मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं।

न करें शुभ कार्य

श्री लक्ष्मी-नारायण मंदिर के व्यवस्थापक स्वामी हरिनारायण गिरि ने बताया कि रात में 10. 52 बजे से 12.48 बजे तक चंद्र ग्रहण रहेगा। चंद्र ग्रहण से पांच घंटे पहले सूतक शुरू हो जाता है। इस दौरान भगवान के दर्शन एवं आराधना करना फलीभूत नहीं होता है।

सूतक में किसी भी शुभ कार्य करने का लाभ प्राप्त नहीं होता है। गर्भवती महिलाएं अपने पास नारियल रखकर जाप करें और ग्रहण के दौरान चाकू व कैंची से कोई वस्तु न काटें, इसका सीधा प्रभाव होने वाली संतान पर पड़ता है। उन्होंने बताया कि ग्रहण के दौरान भगवान पर राहु काल का संकट आता है और नकारात्मक शक्तियां प्रभावी हो जाती हैं। इसलिए इन्हें टालने के लिए जप व यज्ञ का आयोजन किया जाता है।

दूध-दही न करें ग्रहण

शिव शक्ति ज्योतिष केंद्र के संचालक पं. सतबीर शास्त्री ने बताया कि सूतक के दौरान बच्चे, वृद्ध, रोगी एवं गर्भवती महिलाएं दूध, दही, आचार, जल आदि भोज्य पदार्थों का सेवन न करें। खंड ग्रास चंद्रग्रहण श्रवण नक्षत्र और मकर राशि में घटित हो रहा है, इसलिए इस नक्षत्र में उत्पन्न जातकों को चंद्रमा राहु तथा राशि स्वामी शनि का जप व दान करना कल्याणकारी होगा।

दान का विशेष महत्व

कॉस्मिक एस्ट्रो पिपली (कुरुक्षेत्र) के डॉयरेक्टर और श्री दुर्गा देवी मंदिर पिपली के पीठाधीश डॉ. सुरेश मिश्रा ने बताया कि यह चंद्रग्रहण पूरे देश में दिखाई देगा। इसे चूड़ामणि चंद्रग्रहण कहा जाएगा। इसमें स्नान, दान, जप, हवन और श्राद्ध का अत्यधिक महत्व है।

चंद्रग्रहण देखने पर मेष राशि वालों को क्षति, वृष राशि वालों को चिंता, मिथुन राशि वालों को सुख, कर्क राशि वालों को कष्ट,सिंह राशि रोग देह कष्ट, कन्या राशि वालों को अपयश, तुला वालों को सफलता, वृश्चिक वालों को लाभ, धनु वालों को हानि, मकर राशि वालों को पीड़ा आघात, कुंभ राशि वालों को व्यय व मीन राशि वालों को लाभ मिलने का योग है। मकर राशि वाले पुरुष और गर्भवती महिलाओं को ग्रहण न देखने की सलाह दी गई है।

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Posted By: Kamlesh Bhatt

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