राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। पंजाब में आसन्न विधानसभा चुनावों को लेकर फील्डिंग सजाने में जुटे कैप्टन अमरिंदर भाजपा के और करीब आ गए हैं। सोमवार को पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री अचानक से हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मिलने उनके सरकारी निवास पहुंचे। मनोहर लाल ने भी कैप्टन का दिल खोलकर गर्मजोशी से स्वागत किया। दोनों दिग्गजाें के बीच हुई इस मुलाकात के सियासी गलियारों में गहरे मायने निकाले जा रहे हैं।

भाजपा आलाकमान के साथ नजदीकियां बढ़ाने के क्रम में कैप्टन-मनोहर की यह मुलाकात अहम साबित हो सकती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुख्यमंत्री मनोहर लाल की नजदीकियां किसी से छिपी नहीं। पिछले दिनों मोदी और शाह से अलग-अलग मिले कैप्टन काे भाजपा दिग्गजों ने भी हरियाणा के सीएम के संपर्क में रहने की सलाह दी थी। सोमवार को कैप्टन-मनोहर के बीच चाय पर चर्चा के दौरान कई मुद्दों पर खुलकर बातचीत हुई।

पंजाब की सियासत में हरियाणा से जुड़े नेताओं का खासा दखल है। पंजाब की सीमा से लगते अंबाला, कैथल, सिरसा, फतेहाबाद, जींद, कुरुक्षेत्र और पंचकूला पड़ोसी राज्य के छह जिलों मुक्तसर, भटिंडा, मानसा, मोहाली, संगरूर और पटियाला को सीधे प्रभावित करते हैं। इसके अलावा अन्य दूसरे जिलों में भी हरियाणा से जुड़े नेताओं और लोगों का रिश्तेदारियों के चलते मतदाताओं पर सीधा असर है। यही वजह है कि कैप्टन चुनावी रणनीति के तहत हरियाणा के भाजपा दिग्गजों को भरोसे में लेना चाहते हैं।

भाजपा और अलग अकाली गुट के साथ सरकार बनाएंगे : कैप्टन

मुलाकात के बाद उत्साहित दिख रहे कैप्टन अमरिंदर ने दावा किया कि उनकी पार्टी पंजाब में भाजपा और अलग अकाली गुट के साथ मिलकर अगली सरकार बनाएगी। जब भी वह दिल्ली जाएंगे, गठबंधन को लेकर भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के साथ जरूर बातचीत करेंगे। विधानसभा चुनाव से पहले 'बड़े चेहरों' के पंजाब लोक कांग्रेस में शामिल होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि समय का इंतजार करें। सब कुछ ठीक चल रहा है। भगवान की मर्जी से हम भाजपा के साथ अपनी सीट समायोजन और सुखदेव सिंह ढींडसा की पार्टी (शिअद संयुक्त) के साथ सरकार बनाएंगे।

हालांकि मनोहर लाल के साथ भेंट को उन्होंने शिष्टाचार मुलाकात करार देते हुए कहा कि मैंने उनसे चाय पीने के लिए समय मांगा था। हमारी मुलाकात काफी अच्छी रही। इस दौरान किसी भी राजनीतिक मुद्दे पर चर्चा नहीं हुई है। तीनों कृषि कानून वापस लिए जा चुके हैं। इसके अलावा किसानों के जो छह-सात मुद्दे हैं, उन पर भी केंद्र सरकार सहमत है। अब कोई मुद्दा बचा नहीं है। वह कुछ लोगों के संपर्क में हैं। उन्हें लगता है कि जल्द ही किसान आंदोलन खत्म हो जाएगा।

पंजाब के सीएम रहते मनोहर से कई बार उलझे कैप्टन

पंजाब के मुख्यमंत्री रहते कैप्टन अमरिंदर की हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल से कई बार जुबानी जंग छिड़ी। एसवाइएल नहर निर्माण, राजधानी चंडीगढ़, विधानसभा भवन में अधिक हिस्सेदारी व हाई कोर्ट के मुद्दे पर कई बार यह तल्खी सामने आई। खासकर एसवाइएल के मुद्दे पर कई मौके आए जब कैप्टन अमरिंदर सिंह आक्रामक रहे। सीएम पद से हटने व कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद कैप्टन ने जब से नई पार्टी बनाई है, उनका रुख काफी बदला है।

अच्छी रही मुलाकात : मनोहर

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि कैप्टन अमरिंदर से मुलाकात काफी अच्छी रही। इस दौरान सियासत से हटकर कई मुद्दों पर बातचीत हुई। उन्होंने कहा कि पंजाब के सीएम और कांग्रेस में रहते कैप्टन अमरिंदर की चाहे जो मजबूरियां रही हों, लेकिन वास्तव में वह खुले दिल के आदमी हैं। जहां तक राजनीतिक संबंधों की बात है, वह सब कुछ आपके सामने होगा। बस इंतजार करें।

Edited By: Kamlesh Bhatt