चंडीगढ़, जेएनएन। Haryana Assembly का Budget session इस बार बेहद खास होगा। प्रदेश की मनोहरलाल सरकार नई परिपाटी शुरू करने जा रही है। विधानसभा में पहली बार बजट पेश किए जाने से पहले 'प्री-बजट' चर्चा कराई जाएगी। विकास से जुड़े बड़े मुद्दों पर क्षेत्रवार विधायकों के सुझाव लेने के बाद इन्हें बजट में भी शामिल किया जाएगा। ऐसा करने वाला हरियाणा पहला राज्य होगा।

13वीं विधानसभा में 86 बैठकों का बना रिकॉर्ड, नई विधानसभा में 100 से अधिक सत्र का लक्ष्य

विधानसभा में विधायकों के दो दिवसीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम के समापन पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के सामने मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने यह घोषणा की। सीएम ने सभी विधायकों से आह्वान किया कि वे पिछले वर्षों के बजट को पढ़ें-समझें और उनके हिसाब से सुझाव दें। बजट की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों के साथ अब तक राज्य में छह बैठकें कर चुके हैं।

मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने दोहराया कि सदन में पेश होने वाले विधेयकों की ड्रॉफ्ट कॉपी सभी विधायकों को कम से कम पांच दिन पहले मुहैया कराई जाएगी ताकि वे उसका अध्ययन करके अपने सुझाव और आपत्तियां सरकार के सामने दर्ज करवा सकें।

मनोहरलाल ने पिछले 25-30 वर्षों से चल रही योजनाओं को खत्म करके उन्हें उनसे मिलती-जुलती नई योजनाओं में मर्ज करने के भी संकेत दिए। उन्होंने कहा कि कई ऐसी योजनाएं हैं, जिनका अब कोई औचित्य नहीं है। इन योजनाओं के लिए बजट में हर वर्ष पैसों का प्रावधान होता है। समाज के विभिन्न वर्गों से जुड़ी ये ऐसी योजनाएं हैं, जिनका फायदा भी अब किसी को नहीं हो रहा। इसकी वजह यह है कि नई योजनाएं आ चुकी हैं। ऐसे में पुरानी योजनाओं को खत्म कर उनकी मद में पड़े पैसों का इस्तेमाल नई योजनाओं में होगा ताकि समाज के और अधिक लोगों को इसका फायदा मिल सके।

सीएम मनोहरलाल ने कहा कि वर्ष 2014 में भाजपा की सरकार बनने से पहले सदन की बहुत कम बैठकें हुआ करती थी। हमने नई परंपरा शुरू की है। पिछले पांच वर्षों में अब तक की सर्वाधिक 86 बैठकें हुई। 14वीं विधानसभा में 100 से अधिक बैठकें करने का लक्ष्य रखा है। हिमाचल प्रदेश का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वहां बजट सत्र ही 25 से 28 दिन चलता है। ऐसे में विधायकों को चाहिए कि वे पूरी तैयारी के साथ आएं ताकि सत्र की अवधि को बढ़ाने में कोई दिक्कत न आए।

हिपा की मदद से विधायकों को हर साल प्रशिक्षण

मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा में विभिन्न विभागों से जुड़ी कमेटियां लघु सदन की तरह हैं। इन कमेटियों में विधायकों के दलगत राजनीति से ऊपर उठकर प्रदेशहित में अपने सुझाव देने चाहिए। इसमें कुछ रचनात्मक होना चाहिए। लोकसभा की ट्रेनिंग संस्था प्राइड का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा में हिपा की मदद से सरकार की कोशिश रहेगी कि विधायकों के लिए वर्ष में कम से कम एक दिन ओरिएंटेशन कार्यक्रम किया जाए।

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Posted By: Sunil Kumar Jha

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