जेएनएन, पंचकूला। 12731 जेबीटी में से नियुक्ति से वंचित उम्मीदवारों पर चंडीगढ़ पुलिस ने पानी बौछारें कर घुसने से रोक दिया। उम्मीदवार मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने के लिए धरनास्थल सेक्टर-5 पंचकूला से सैकड़ों की संख्या में निकले थे। उसके बाद शहर में प्रदर्शन करते हुए चंडीगढ़ की तरफ बढ़े। हाउङ्क्षसग बोर्ड चौक पर हरियाणा व चंडीगढ़ पुलिस द्वारा रोक लिए गए। जेबीटी व पुलिस के बीच कई बार झड़प व नोकझोंक हुई।

पुलिस के साथ झड़प के दौरान राजविंद्र कौर, दलविंद्र कौर व अनिल शर्मा को वाटर कैनन के प्रयोग के कारण चोटें आई और उन्हें सेक्टर 6 के सामान्य अस्पताल में भर्ती करवाया गया। उसके बाद छह महिला व 21 पुरुष अध्यापकों को हिरासत में लेकर रायपुररानी थाने में ले जाया गया। प्रदेशाध्यक्ष प्रेम अहलावत ने बताया कि मुख्यमंत्री को इस मामले का तुरंत संज्ञान लेकर जेबीटी वेटिंग को नियुक्ति देकर अपना वायदा पूरा करना चाहिए। 12731 जेबीटी में नियुक्ति से वंचित उम्मीदवार अपनी मांग लेकर पिछले दो साल से पंचकूला में डेरा डाले हुए हैं। केवल आश्वासन मिल रहे हैं। मगर नियुक्ति के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

कोर्ट के फैसले की हो रही अवमानना

अहलावत ने बताया कि शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारी द्वारा 16254 खाली पदों का एफिडेविट कोर्ट में दिया था कि हम सबको नियुक्ति देंगे। हाई कोर्ट में मीनाक्षी मलिक केस में वेटिंग को भी चयनित माना था और सोनू कुमार केस में ये फैसला दिया था कि वेटिंग समेत पूरी 12731 को नियुक्ति के बाद जो पद खाली बचते हैं, उन पर अतिथि अध्यापकों की नियुक्ति दी जाएगी। विभाग ने कोर्ट की अवमानना करते हुए इन वेटिंग कैंडिडेट््स को छोड़कर अतिथि अध्यापकों को समायोजित कर दिया।

तीन साल से टरकाया जा रहा

पिछले तीन साल से वेटिंग कैंडिडेट््स अब भी नियुक्ति से वंचित हैं जिन्होंने पंचकूला के सेक्टर-5 स्थित हैफेड ग्राउंड में धरना पिछले कई साल से चला रखा है। उन्होंने मांग की कि सरकार जल्द से जल्द इन्हें नियुक्ति देकर पिछले काफी समय से चली आ रही इनकी मांग को माने।

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