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'ऊंट के मुंह में जीरा', रबी फसलों के MSP पर भूपेंद्र हुड्डा ने नायब सरकार को घेरा

Published: Fri, 02 Oct 2026 11:30 PM (IST)

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में हुई बढ़ोतरी को किसानों की बढ़ती लागत के मुकाबले नाकाफी बताया है।

रबी फसलों के एमएसपी पर हुड्डा ने नायब सरकार को घेरा।

रबी फसलों के एमएसपी पर हुड्डा ने नायब सरकार को घेरा।

HighLights

  1. हुड्डा ने रबी एमएसपी बढ़ोतरी को किसानों की लागत से कम बताया

  2. गेहूं एमएसपी में ₹25 की वृद्धि को 'ऊंट के मुंह में जीरा' कहा

  3. सरकार से किसानों को एमएसपी का वास्तविक लाभ सुनिश्चित करने की मांग

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में बढ़ोतरी को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है।

उन्होंने बढ़ोतरी को किसानों की बढ़ती लागत के मुकाबले नाकाफी बताते हुए कहा कि सरकार एमएसपी बढ़ाने का दावा तो कर रही है, लेकिन खेती की बढ़ती लागत और बाजार में किसानों को मिलने वाले वास्तविक भाव के बीच का अंतर लगातार बढ़ रहा है।

हुड्डा ने गेहूं के एमएसपी में 25 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी का जिक्र करते हुए इसे ‘ऊंट के मुंह में जीरा’ करार दिया। केंद्र ने 2027-28 रबी विपणन सत्र के लिए गेहूं का एमएसपी 2,585 से बढ़ाकर 2,610 रुपये प्रति क्विंटल किया है।

हुड्डा का कहना है कि डीजल, खाद, बीज, कीटनाशक, कृषि उपकरण और मजदूरी की लागत में लगातार वृद्धि के बीच इतनी बढ़ोतरी किसानों के लिए पर्याप्त नहीं है।

हुड्डा ने अपने कार्यकाल से तुलना करते हुए दावा किया कि कांग्रेस शासन में फसलों के भाव में औसतन 14 प्रतिशत वार्षिक बढ़ोतरी होती थी, जबकि भाजपा शासन में यह दर करीब पांच प्रतिशत रह गई। किसान की असली परेशानी केवल एमएसपी घोषित होने की नहीं, बल्कि उस कीमत पर फसल बिकने की है।

उन्होंने धान और बाजरे की खरीद का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि सरकारी खरीद में देरी के कारण किसानों को अपनी उपज एमएसपी से कम कीमत पर बेचने को मजबूर होना पड़ रहा है। मंडियों में खरीद, उठान, भंडारण और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर भी उन्होंने सरकार पर सवाल उठाए।

नेता प्रतिपक्ष ने भाजपा के चुनावी वादे का उल्लेख करते हुए कहा कि किसानों को धान का भाव 3,100 प्रति क्विंटल भाव देने की बात कही गई थी, लेकिन मौजूदा स्थिति में किसान को अपेक्षित मूल्य नहीं मिल रहा। हुड्डा ने सरकार से तत्काल खरीद व्यवस्था सुचारु करने और किसानों को घोषित एमएसपी का वास्तविक लाभ सुनिश्चित करने की मांग की।