'हरियाणा सरकार के विकास के दावे झूठे', भूपेंद्र हुड्डा ने खोला रिपोर्ट कार्ड का कच्चा चिट्ठा
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने हरियाणा सरकार के विदेशी निवेश, रोजगार और विकास के दावों को झूठा बताया, कहा राज्य बेरोजगारी में 37% और विकास दर में 14वें स्थान पर है।
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दो साल के कामकाज पर सरकार का रिपोर्ट कार्ड झूठा: हुड्डा
HighLights
बेरोजगारी 37%, विकास दर में हरियाणा 14वें स्थान पर
2014 से केवल 20 हजार करोड़ का निवेश हुआ
किसानों को एमएसपी और बिजली निजीकरण पर घेरा
राज्य ब्यूरो, डिजिटल डेस्क। हरियाणा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने बुधवार को कहा कि विदेशी निवेश और युवाओं को रोजगार देने का दावा करने वाली भाजपा सरकार ने हरियाणा को विकास में आगे नहीं, पीछे किया है।
मुख्यमंत्री प्रदेश को देश का ग्रोथ इंजन बनाने की बात करते हैं, जबकि राज्य में बेरोजगारी 37 फीसद है और 18 बड़े राज्यों में विकास दर के लिहाज से हरियाणा 14वें स्थान पर है।
हरियाणा कांग्रेस के कार्यकारी प्रधान जितेंद्र भारद्वाज के साथ नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि 2014 से अब तक प्रदेश में केवल 20 हजार करोड़ रुपये का निवेश हुआ है, जबकि सरकार इससे तीन गुना निवेश के दावे कर रही है।
हरियाणा पर पांच लाख करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज हो चुका है। गुरुग्राम में नई औद्योगिक नीति की लांचिंग के दौरान निवेश के दावे किए गए, लेकिन अब तक किसी कंपनी ने निवेश नहीं किया। दस आईएमटी विकसित करने के दावे भी झूठे साबित हो रहे हैं।
किसानों को एमएसपी और बिजली व्यवस्था पर भी घेरा
नायब सरकार के संकल्पों पर जवाब देने के लिए 33 पेज की फाइल लेकर पहुंचे भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि मुख्यमंत्री विदेश से लौटकर हरियाणा के समग्र विकास का दावा कर चुके हैं, जो जमीनी हकीकत से मेल नहीं खाता।
उनके मुताबिक, बिजली व्यवस्था का निजीकरण कर लोगों को ठगा जा रहा है। एक साल पहले बनी प्राइवेट कंपनी को गुरुग्राम और नूंह में बिजली वितरण का ठेका दिया जा रहा है, जिससे किसानों की सब्सिडी बंद हो जाएगी। उन्होंने कहा कि विधानसभा में भी इसका विरोध किया था। हुड्डा ने 24 फसलों की एमएसपी पर खरीद के सरकार के दावे को झूठा बताया।
उन्होंने कहा कि मूंग, बाजरा और धान की खरीद एमएसपी पर नहीं हो रही और भावांतर भरपाई के नाम पर किसानों को ठगा जा रहा है। हरियाणा में 24 फसलें होती ही नहीं हैं।
