चंडीगढ़, जेएनएन। हरियाणा में विधानसभा चुनाव को लेकर सारी अटकलें लगभग समाप्‍त हो गई है। शुक्रवार को कैबिनेट की बैठक के बाद यह साफ हो गया कि लोकसभा चुनाव के साथ विधानसभा चुनाव नहीं होंगे। राज्‍य मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा विधानसभा को भंग करने पर कोई विचार नहीं किया गया। मंत्रिमंडल की बैठक में कई महत्‍वपूर्ण निर्णय किए गए।

कैबिनेट की बैठक के बाद हुई स्थिति साफ, तमाम अटकलों पर लगा विराम

हरियाणा की राजनीति में शुक्रवार का दिन बेहद हलचल भरा और सियासी तौर पर गरम रहा। हरियाणा कैबिनेट की मीटिंग शुरू होने से लेकर खत्म होने तक तमाम राजनीतिक दलों की निगाह इस पर टिकी रही। तमाम दलों को लग रहा था कि कैबिनेट की मीटिंग में भाजपा सरकार हरियाणा विधानसभा भंग करने का निर्णय कर सकती है, मगर ऐसा नहीं हुआ।

खुद मुख्यमंत्री मनोहर लाल और उनकी कैबिनेट के राज्य मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने कैबिनेट मीटिंग के बाद घोषणा की कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव अपने-अपने समय पर ही होंगे। मुख्यमंत्री और राज्य मंत्री की इस घोषणा के बाद लोकसभा के साथ विधानसभा चुनाव होने की तमाम अटकलों पर विराम लग गया। सत्तारूढ़ भाजपा नेताओं समेत विपक्षी राजनीतिक दलों ने विधानसभा भंग नहीं होने पर राहत महसूस की। 4 मार्च को हुई कैबिनेट मीटिंग के बाद राज्य सरकार ने जिस तरह 8 मार्च की बैठक बुलाई थी, तभी से इस बात के कयास लगाए जाने लगे थे कि विधानसभा भंग हो सकती है।

मीडिया का काम अटकलें लगाना, लगाते रहो: सीएम

'' मैं समझता हूं कि मीडिया का काम खबरें छापना, दिखाना है और अटकलें लगाना है। इसलिए अटकलें लगाते रहो। विधानसभा चुनाव समय पर होंगे। मैैं विधानसभा के बजट सत्र में भी कह चुका कि लोकसभा के साथ विधानसभा चुनाव नहीं होंगे। अभी भी मेरा यही बयान है।
                                                                                               - मनोहर लाल, मुख्यमंत्री, हरियाणा ।


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'सीएम पहले ही कह चुके एक साथ चुनाव नहीं'

'' मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने विधानसभा के बजट सत्र के आखिरी दिन ही स्पष्ट कर दिया था कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ नहीं होंगे। कैबिनेट बैठक में इस बारे में कोई चर्चा नहीं हुई। मीडिया के सवालों का जवाब देने के लिए मुख्यमंत्री ने मुझे फिर से यह बताने को कहा है कि दोनों चुनाव अपने-अपने अलग समय पर होंगे। 
                                                                                             - कृष्‍ण कुमार बेदी, राज्‍यमंत्री, हरियाणा।

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'सीएम की कथनी-करनी में नहीं अंतर'

'' भाजपा की कथनी और करनी में कोई अंतर नहीं है। मुख्यमंत्री जो कहते हैैं, वह सच होता है। उन्होंने कभी नहीं कहा कि एक साथ चुनाव होंगे। बजट सत्र में ही साफ हो चुका था कि चुनाव एक साथ नहीं होंगे।

                                                                           - राजीव जैन, मीडिया सलाहकार, सीएम हरियाणा।

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सीएम मनोहरलाल की राज्‍यपाल से मुलाकात के बाद गर्मा गई थी हरियाणा की राजनीति

बता दें कि मुख्‍यमंत्री मनोहरलाल की राज्‍यपाल से बृहस्‍पतिवार रात मुलाकात के बाद हरियाणा की राजनीति गर्मा गई थी। मनोहर लाल और राज्यपाल सत्‍यदेव नारायण आर्य के बीच करीब डेढ़ घंटे तक बातचीत हुई थी। इसके बाद राज्‍य कैबिनेट की बैठक पर सबकी नजरें टिकी हुई थी।

राजनीतिक गलियारों में चर्चा चल रही है कि कैबिनेट बैठक में विधानसभा भंग करने का निर्णय लिया जा सकता है। दूसरी ओर, लेकिन विभिन्न बोर्ड एवं निगमों में चेयरमैनों की नियुक्ति के साथ ही कई सीनियर भाजपा नेताओं ने स्पष्ट किया था कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ नहीं होंगे।

बृहस्‍पतिवार को रात को करीब साढ़े आठ बजे मुख्यमंत्री मनोहर लाल राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य से मुलाकात करने राजभवन पहुंचे। मुख्यमंत्री करीब दस बजे तक राजभवन रहे। इस दौरान चर्चाओं का बाजार गरम रहा। कयास लगने लगे कि मुख्यमंत्री राज्यपाल को शुक्रवार को विधानसभा भंग करने के फैसले की सूचना देने गए, लेकिन मुख्यमंत्री के लौटते ही पता चला कि उन्होंने तीन नए राज्य सूचना आयुक्तों के शपथ ग्रहण समारोह के लिए राज्यपाल से अनुरोध किया है, जिसे राज्यपाल ने स्वीकार करते हुए राजभवन में शुक्रवार सुबह साढ़े दस बजे शपथ ग्रहण समारोह रख दिया।

 

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