जेएनएन, चंडीगढ़। सोनीपत में साइकिल यात्रा के दौरान जाम में फंसे नवजात की मौत के मामले में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अशोक तंवर बुरी तरह घिर गए हैं। प्रदेश सरकार ने अपनी जांच में तंवर को दोषी मानते हुए दर्ज एफआइआर में उनका नाम शामिल कराने की तैयारी कर ली है। फिलहाल पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर रखा है।

स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. सतीश अग्रवाल ने स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज को जांच रिपोर्ट सौंप दी। रिपोर्ट के मुताबिक कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष तंवर की साइकिल रैली के कारण ही एंबुलेंस 30 मिनट की देरी से अस्पताल में पहुंची।

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि मामले में गठित कमेटी के सदस्य उप सिविल सर्जन और एसएमओ ने पूरे मामले की गहराई से जांच की। कमेटी ने सभी उपलब्ध दस्तावेजों, एंबुलेंस चालक, फलीट मैनेजर तथा शिशु रोग विशेषज्ञ के बयान दर्ज किए हैं। इसके आधार पर नवजात की मौत का प्रमुख कारण अस्पताल में देर से पहुंचना बताया गया है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि मंगलवार सुबह 11.21 बजे दिव्य निजी अस्पताल मनियारी प्याऊ से नेशनल एंबुलेंस सेवा सोनीपत कार्यालय में एंबुलेंस के लिए की कॉल आई। इसमें एक नवजात को नागरिक अस्पताल सोनीपत में रेफर करने की गुजारिश की गई थी। इस पर तुरंत कार्रवाई करते हुए अस्पताल प्रबंधन ने सीएचसी बडखालसा से 11.22 बजे पर एंबुलेंस को रवाना कर दिया, जो कि दिव्य अस्पताल में दस मिनट में पहुंच गई।

रिपोर्ट के अनुसार एंबुलेंस को दिव्य अस्पताल से नागरिक अस्पताल तक पहुंचने में सिर्फ 15 मिनट लगते हैं, परंतु उस दिन जीटी रोड पर तंवर की साइकिल रैली के कारण एंबुलेंस लगभग 30 मिनट देरी से अस्पताल पहुंची। इसके बाद बच्ची को  तुरंत एसएनसीयू में ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने देखा कि बच्चे का रंग नीला पड़ा हुआ था। वहीं दिल की धड़कन भी बहुत कम थी। हालत में सुधार नहीं होने पर उसे पीजीआइएमएस रोहतक रेफर कर दिया गया, जहां उसकी मौक हो गई।

स्वास्थ्य मंत्री विज ने बताया कि सोनीपत पुलिस ने मामले में एफआइआर दर्ज कर ली है। पुलिस बारीकी से जांच कर रही है और इसमें जो भी लोग दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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Posted By: Kamlesh Bhatt